संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। थाना दौराला क्षेत्र में टोल न देकर निकलने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली ड्राइवर किसान की हत्या के आरोप में वैस्टर्न यूपी टोल प्लाजा के तीन कर्मचारियों को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अमित वीर सिंह ने बरी कर दिया है। घटना थाना दौराला क्षेत्र में स्थित सिवाया टोल प्लाजा के पास की है।
छह वर्ष पूर्व 3 फरवरी 2020 को ग्राम दुल्हेड़ा चौहान के रहने वाले रविंदर चौहान ने थाना दौराला में अपने भाई सोहनबीर की हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके साथ दौराला शुगर मिल में गन्ने डालने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर उसका भाई सोहनबीर जा रहा था। जैसे ही वह वैस्टर्न यूपी टोल प्लाजा पर सायं 6 बजे पहुंचे तो उसे टोलकर्मियों ने रोक लिया और मौके पर टोल के मुख्य प्रबंधक राजीव आए। जिन्होंने यह पता चलने पर कि बिना टोल दिए ये लोग निकलते हैं उन्होंने साथ में मौजूद टोल कर्मियों से पीटने के लिए कहा। जिस पर मौजूद टोलकर्मियों चित्तपाल निवासी अछौता, अजय निवासी अलीपुर, विशेष कुमार निवासी ग्राम दादरी ने लाठी डंडों से सोहनबीर को पीटना शुरू कर दिया, जिसकी मौत हो गई थी।
न्यायालय में आरोपी पक्ष की ओर से ओमकार सिंह भाटी के बयान न्यायालय ने दर्ज किए। जिन्हें सुनकर और अभियोजन पक्ष को जानकर अदालत ने आरोपियों के विरुद्ध कोई साक्ष्य न पाए जाने के कारण तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।
रंगदारी के आरोप में कुख्यात टुंडा उर्फ शाहनवाज को 7 साल की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। बीस लाख रुपये की रंगदारी मांगने के दोषी कुख्यात शाहनवाज उर्फ टुंडा को न्यायालय अपर जिला जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या- 1 आलोक द्विवेदी ने सात वर्ष के कारावास और जुर्माने से दंडित किया।
थाना कोतवाली में व्यापारी दिलशाद ने 24 जून 2018 को एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया था कि वह व्यापार के सिलसिले में बाहर गया हुआ था। रात्रि में लगभग आठ बजे इस्लामाबाद लिसाडी गेट का रहने वाला आरोपी शाहनवाज उर्फ टुंड़ा उसके घर पहुंचा और घंटी बजाई। इस पर उसकी पत्नी ने पूछा कि कौन है तो उसने अपना परिचय शाहनवाज बदमाश के रूप में बताया। डर के चलते उसकी पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला। इस पर उसने मकान पर तमंचे से फायरिंग की और बीस लाख रुपये की रंगदारी दिए जाने का एक पर्चा दरवाजे पर डालकर चला गया।
न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। न्यायालय ने सोमवार को अभियोजन और आरोपी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी शाहनवाज उर्फ टुंडा को रंगदारी मांगी जाने के दोष में 7 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।