खतौली में भंगेला चेकपोस्ट पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की गाड़ी रोकने पर पुलिस से धक्का मुक्की कर
थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के हंगामे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में तीन नामजद और करीब 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि पुलिस द्वारा एफआईआर में जिस धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का हवाला दिया गया है उसकी टाइमिंग को लेकर प्रशासन सवालों के घेरे में है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है।
सरधना थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक उप निरीक्षक नितिन सारस्वत ने बताया कि मंगलवार 13 जनवरी को सूचना मिली थी कि मृतक रोहित की मौसी मदनमती के घर भीड़ जुटी है। मौके पर रिश्तेदार इंद्रपाल, उसका बेटा अंकित और गुड्डू समेत 50-60 अज्ञात लोग भाषणबाजी और शोर-शराबा कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद भीड़ ने कानून तोड़ा। समझाने पर भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की, जिससे अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने इस भीड़ के पीछे आरोपी इंद्रपाल की ग्राम प्रधान चुनाव लड़ने की राजनीतिक मंशा भी जाहिर की है। बता दें कि मृतक रोहित कश्यप मूल रूप से मुजफ्फरनगर के हनुमान चौक (मोहल्ला किला) का निवासी था। सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने पुष्टि की है कि सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस से अभद्रता और निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल
इस कार्रवार्ठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस ने 13 जनवरी की घटना में धारा 163 (पूर्व में 144) के उल्लंघन का केस दर्ज किया है। जबकि एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने कपसाड़ और ज्वालागढ़ में धारा 163 लागू करने के आदेश बुधवार (14 जनवरी) की रात को जारी किए थे। ऐसे में सवाल है कि जब घटना 13 जनवरी की है और आदेश 14 जनवरी की रात को आया तो पुलिस ने एक दिन पहले ही निषेधाज्ञा उल्लंघन की प्राथमिकी कैसे दर्ज कर ली? इस विरोधाभास ने पुलिस की थ्योरी पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
सोशल मीडिया पर आंदोलन की राह
पुलिसिया कार्रवाई के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें रोहित कश्यप हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लोगों से मेरठ कमिश्नरी पहुंचने की अपील की जा रही है। गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।