इनके अलावा चंद्र नगर निवासी युवक अनीश कुमार और गलीरा रोड निवासी किशोर प्रदीप भी पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे की चपेट में आने से जख्मी हो गए। उनका पास के ही चिकित्सकों से उपचार कराया गया।
बता दें कि मकर संक्रांति के बाद से ही चाइनीज मांझे के कारण अब तक शहर में ही बच्चों सहित 12 लोग जख्मी हो चुके हैं। इसके अलावा देहाती क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
बता दें कि पिछले दिनों कमश्निर संजय कुमार ने मंडल के तीनों जिलों के अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए थे कि मकर संक्राति और आगामी वसंत पंचमी को देखते हुए चाइनीज मांझे की बिक्री पर अंकुश लगाया जाए। उन्होंने यहां तक चेतावनी दी थी कि यदि इन घटनाओं पर अंकुश न लगाया गया तो संबधित थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे।
कुछ दुकानों पर कार्रवाई करके खत्म किया अभियान
थाना कुतुबशेर, थाना मंडी के अलावा देहात के क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने कुछ दुकानों पर कार्रवाई कर चाइनीज मांझे को जब्त करने और चालान की कार्रवाई की। मगर इसके बाद अभियान को भुला दिया गया। इसी का नतीजा है कि गुपचुप तरीके से चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है और जान खतरे में पड़ रही है।
पुलिस कार्रवाई करेगी, लोग भी जागरूक हों
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि चाइनीज मांझे को लेकर कुछ थानों में कार्रवाई की गई है। आगे भी कार्रवाई की जाएगी। मगर पतंगबाजी के शौकीन लोग और बच्चे गुपचुप तरीके से ऐसे मांझे ले आते हैं। लोगों को भी इसके खतरे के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। अभिभावक भी बच्चों को बताएं कि चाइनीज मांझा उनके लिए क्यों खतरनाक हैं।