टिकरी गंगनहर स्थित मंदिर के पास तीन शव बहते देख लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पर जानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकलवाया। पुलिस ने बताया कि शव करीब 10 से 12 दिन पुराने हैं। शवों की पहचान नहीं होने पर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सोमवार दोपहर गंगनहर में बह कर जा रहे तीन शव कबाड़ में आकर फंस गए। लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। शवों को गंगनहर से निकालने में करीब तीन घंटे लगे। तीनों शवों की हालत बहुत खराब थी। पुलिस ने उनकी पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने उनकी वीडियोग्राफी कराई। दो शव नग्न अवस्था में और एक शव अर्धनग्न अवस्था में था। शवों को कई स्थानों से पानी में रहने वाले जीवों ने अपना निवाला बना रखा था। इंस्पेक्टर जानी अखिलेश कुमार के अनुसार शव गंगनहर में पीछे से बह कर आये हैं। शव की पहचान के लिए आसपास के जिलों की पुलिस को उनके हुलिया की सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद ही तीनों शवों की मौत के कारणों का पता चल पायेगा।
लाश ठिकाने लगाने को नहर का सहारा
लोगों में चर्चा है कि हत्या के बाद लाश ठिकाने लगाने के लिए बदमाशों ने नहर का सहारा लिया है। थाना पुलिस भी जनपद के बार्डर से शव को नहर में आगे बहा देते हैं। ताकि मुकदमा लिखने के झंझट से बचा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गंध आने पर शव की जानकारी हुई। अन्यथा पुलिस उनको आगे बहा देती। एक साल पहले भी बागपत में एक बच्चे को अगवा कर उसकी हत्या के बाद शव नहर में फेंका गया था। जानी पुलिस ने शव को आगे बहा दिया था। इस मामले की जानकारी पर तत्कालीन एसएसपी जे. रविंदर गौड़ को लगी थी तो उन्होंने इंस्पेक्टर जानी को लाइन हाजिर किया था। इसके अलावा भी कई शव नहर में बहाए गए।
आखिर कौन है यह तीनों लोग
तीनों लोगोें की हत्या हुई, डूबे है या फिर किसी हादसे में उनकी मौत हुई हैं। ऐसे कई सवाल पुलिस व लोगों के जेहन में हैं। बड़ा सवाल यह है कि तीन लोग के शवों नहर में बहाने के पीछे आखिर क्या वजह होगी। मौत कैसे हुई, इसका खुलासा उनकी शिनाख्त के बाद ही हो पाएगा। 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारण का पता लग पाएगा।