घटना की जानकारी लेती विधायक
- फोटो : अमर उजाला
बिजली के जर्जर तारों से क्षेत्र में आए दिन हादसे होते रहते हैं। इससे पहले नूरपुर क्षेत्र के गांव बिजयनंगला में टूटे पड़े बिजली के तार की चपेट में आकर चार व्यक्तियों की मौत हुई थी। वहां भी मरने वालों में दो सगे भाई थे। यह हादसा करीब एक वर्ष पूर्व उसे समय हुआ था जब बिजली कर्मचारियों से कई बार कहने के बावजूद भी टूटे पड़े तार को नहीं जोड़ा गया तो ग्रामीण खुद ही उक्त तार को जोड़ने चले गए। अचानक करंट आने से चार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ था।
बिजली अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप
जाम के दौरान किसानों ने फीना बिजलीघर के जेई पर तार बदलने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। गांव चुखेड़ी निवासी अमन सिंह, भवानीपुर निवासी रामौतार सिंह, हरस्वरूप यादव, सिंघा निवासी लियाकत अली ने आरोप लगाया कि जिस तार से हादसा हुआ है वह लोहे का तार था और काफी जर्जर हो चुका था। आरोप लगाया कि उन्होंने तार बदलने के लिए कहा तो जेई सद्दाम अली ने पैसों की मांग की। उन्होंने 10 हजार रुपये उसे दे भी दिए, लेकिन उक्त तार को बदला नहीं गया। उधर जेई सद्दाम अली ने रुपये लेने के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने जर्जर तारों को बदलने के लिए विभाग को स्टीमेट बनाकर भेज रखा है।
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