मिर्जापुर (सहारनपुर)। हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब स्थित दवा फैक्टरी से ड्यूटी खत्म करके लौट रहे बाइक सवार तीन युवक ट्रैक्टर-ट्रॉली की साइड लगने से पूर्वी यमुना नहर में जा गिरे। हादसे में गांव लतीफपुर बूढ़ निवासी कार्तिक (18) पुत्र जयपाल की डूबने से मौत हो गई, जबकि उसके दोनों साथी तैरकर बाहर निकल गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नहर का पानी बंद कराकर दो किमी आगे से शव बरामद कर लिया।
लतीफपुर बूढ़ गांव निवासी कार्तिक की गांव के ही सचिन पुत्र नेत्रपाल और लविश पुत्र सतीश के साथ दोस्ती थी। तीन दिन पहले ही तीनों ने एक साथ पांवटा साहिब स्थित दवा फैक्टरी में नौकरी शुरू की थी। रविवार सुबह करीब दस बजे तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर ड्यूटी से लौट रहे थे। बाइक लविश चला रहा था और कार्तिक बीच में बैठा था। रायपुर गांव के पास पत्तों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की साइड बाइक से लग गई। इससे तीनों बाइक समेत नहर में जा गिरे।
सचिन और लविश तो किसी तरह किनारे तक पहुंचने में कामयाब हो गए, लेकिन कार्तिक तेज धारा में बह गया। साथियों ने बाहर निकलकर परिजनों को हादसे की जानकारी दी। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र गौतम मौके पर पहुंचे और नहर का पानी बंद करवाया। पुलिस ने गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद करीब दो किलोमीटर आगे कार्तिक का शव बरामद हो गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और शव को ले गए।
- छह भाई-बहनों में छोटा था कर्तिक
कार्तिक का आईटीआई का अंतिम साल था। वह छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। सचिन पॉलिटेक्निक तथा लवीश कक्षा 11 का छात्र है। कार्तिक, सचिन और लविश बचपन से ही एक साथ खेलते थे। तीनों ने नौकरी भी तीन दिन पहले ही शुरू की थी।
- ऐसा लगा कि अब तो मरना पड़ेगा : लविश
लवीश ने बताया कि साइड लगने के बाद जब बाइक नहर की तरफ जाने लगी तो उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। नहर में गिरने के बाद उसने अपने बचाव में हाथ पैर मारे। एक पल के लिए लगा कि अब तो मौत हो गई। कोई भी तैरना नहीं जानता है। किसी तरह वह किनारे लगा और एक झाड़ी को पकड़ा। इसके बाद उसने अपनी चद्दर सचिन की तरफ फेंकी और उसे बाहर खींचा। तब तक कार्तिक पानी डूब चुका था। पहाड़ियों में पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के चलते नहर में पानी का बहाव भी ज्यादा था।
- नहर में गिरने से बचाव को सड़क किनारे गार्डिंग की मांग
घटनास्थल से गंदेवड़ तक सात किमी लंबी नहर के किनारे से सड़क सटी हुई है और सड़क की तरफ बचाव के लिए विभाग द्वारा कोई गार्डिंग नहीं की गई है। गांव रायपुर के प्रधान अब्दुल कादिर, राव आरिफ, सलमान मलिक प्रधान, कासिफ आदि ने नहर में वाहन को गिरने से रोकने के लिए किनारे पर गार्डिंग कराने की मांग लोक निर्माण विभाग से की है।
मृतक कार्तिक का फाइल फोटो