सीओ ने बताया कि आर्मी इंटेलीजेंस का इनपुट था कि एक गिरोह सेना और पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 3-4 लाख रुपयेे लेता है। एक अभ्यर्थी आर्मी भर्ती के दौरान दौड़ में फेल हो गया था। उसको पास कराने के एवज में इस गैंग ने 50 हजार रुपये लेकर फर्जी प्रमाण पत्र दिया था।
आरोपी देवेंद्र 2015 में आर्मी से रिटायर्ड हुआ था। आरोपी नवनीत अग्रवाल ने बताया कि अलीगढ़ में उसकी कंप्यूटर रिपेयरिंग और फोटो स्टेट की दुकान है। आरोपी प्रवीण भारद्वाज और सोनू चौधरी के कहने पर वह अभ्यर्थियों को फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध करता था।
इस गिरोह ने पैसा लेकर दर्जनों अभ्यर्थियों को फर्जी प्रमाण पत्र दिये हैं। गैंग वेस्ट यूपी में चार साल से सक्रिय है। आगरा में होने वाली आर्मी भर्ती में बुलंदशहर से कुछ अभ्यर्थियों को पहुंचना था। इसकी जानकारी लगने पर एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को बुलंदशहर में ही दबोच लिया। आरोपियों से कई अभ्यर्थियों की मार्कशीट, सनद, एक गाड़ी, 25 सौ रुपये, फर्जी प्रमाण पत्र, कंप्यूटर समेत अन्य सामान मिला है।