एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात को पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। सूचना मिली कि हस्तिनापुर थाना प्रभारी एक वैगनआर कार का पीछा कर रहे है। वैगनआर नहर पटरी की ओर भागी है, जिसमें तीन शातिर बदमाश सवार हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर करके मुठभेड़ के दौरान तीनों को पकड़ लिया।
इस दौरान शोकेंद्र और युधिष्ठिर पैर में गोली लगने से घायल हो गए। जॉनी उर्फ शोकेंद्र थाना हस्तिनापुर का हिस्ट्रीशीटर और गैंग लीडर है। गुड्डू उर्फ युधिष्ठर पर हस्तिनापुर, इंचौली, टीपी नगर, खरखौदा, ककरोली, नई मंडी मुजफ्फरनगर, रामराज, सिखेडा आदि थानों में 10 मुकदमें दर्ज है। जॉनी उर्फ शोकेंद्र पर हस्तिनापुर, मवाना, इंचौली, रतनपुरी आदि थानों में 14 मुकदमें दर्ज हैं।
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ऑन डिमांड हथियार करते थे सप्लाई
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में शोकेन्द्र ने बताया कि तीनों अवैध हथियार की सप्लाई ऑन डिमांड पर मनीष निवासी ग्राम रसूलपुर धन्तला थाना खरखौदा को करते हैं। इसी क्रम में थाना खरखौदा पुलिस ने रात्रि में हुई पुलिस मुठभेड मे गिरफ्तार मनीष से जो असलहा व कारतूस बरामद हुए है, वह हथियार इसी गैंग द्वारा सप्लाई किया गया था। सीओ मवाना संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि आरोपियों के पास से दो पिस्टल 32 बोर, एक पिस्टल 30 बोर, दो तमंचे 315 बोर, 8 कारतूस 32 बोर, 6 कारतूस 315 बोर, वैगनआर कार बरामद हुई है।