मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में अभियोजन के अनुसार सौरभ राजपूत की हत्या के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला 13 दिन तक हिमाचल प्रदेश में घूमते रहे। शिमला के होटल में दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया था।
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्या के बाद दोनों आरोपी 13 दिन तक हिमाचल प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर घूमते रहे थे। जिला जज की अदालत में इस चर्चित प्रकरण पर लगातार बहस चल रही है। बुधवार को अभियोजक विजय बहादुर को चुना गया।
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अभियोजक ने बताया कि 3 मार्च 2025 की रात को मुस्कान रस्तोगी ने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या की थी। उन्होंने सौरभ के शरीर के टुकड़े किए और घर में रखे एक नीले ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट जमा दिया था। हत्या के बाद दोनों 4 मार्च 2025 को घूमने निकल गए।
वे सबसे पहले शिमला के होटल डीलक्स ग्रे पहुंचे, जहां उन्होंने खुद को पति-पत्नी बताया। इसके बाद वे मनाली और कसोल भी घूमने गए। 17 मार्च 2025 की रात को साहिल, मुस्कान रस्तोगी को अपने घर ले गया। अगले दिन 18 मार्च को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने आगे की बहस के लिए आज बृहस्पतिवार की तिथि तय की है।
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स्थायी लोक अदालत को लेकर होगा विशेष कार्यक्रम
मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री परवेज आलम ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के सचिव के आदेशानुसार 28 अगस्त अधिवक्ताओं को उनके अधिकारों और स्थायी लोक अदालत के अधिकारों के संबंध में कार्यक्रम आयोजन होगा। जिसको लेकर एक दिन पूर्व 27 अगस्त 2026 को पंडित नानक चंद सभागार में 3:30 बजे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
वहीं उन्होंने उन अधिवक्ताओं को चेतावनी देते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि जो अधिवक्ता किसी अन्य बार एसोसिएशन या सादे या प्रिंटेड वकालत में लगा रहे हैं तो उन्हें मेरठ बार एसोसिएशन से कोई आर्थिक मदद नहीं की जाएगी। साथ ही उनकी सदस्यता तत्काल रूप से निरस्त कर दी जाएगी।