कृषि भूमि सौदे में साढ़े तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, जांच पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गांव उल्धन में कृषि भूमि के सौदे में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला फिर गरमा गया है। पीड़ित पक्ष और राष्ट्रीय हिंद फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने पुलिस व क्राइम ब्रांच की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाए हैं।
रविंद्र गुर्जर का आरोप है कि नौ माह पहले दर्ज मुकदमे में आठ माह से क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिस महिला के खाते में पूरी रकम भेजी गई और जिसके नाम जमीन दर्ज थी, उसे जांच से बाहर कर दिया गया है। पीड़ित पक्ष के आरोप
गाजियाबाद निवासी पीड़ित पक्ष ने उल्धन में कृषि भूमि खरीदने के लिए करोड़ों रुपये का भुगतान किया था। जमीन का सौदा तय होने के बाद नकद, बैंक चेक और अन्य माध्यमों से लगभग 3.50 करोड़ रुपये दिए गए थे। पीड़ित का दावा है कि सबसे बड़ी राशि मानस्वनी के खाते में भेजी गई थी। जमीन भी उसी के नाम दर्ज थी। आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी तय समय पर जमीन का बैनामा नहीं कराया गया। इसके बजाय, भूमि का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया।
रविंद्र गुर्जर ने कहा कि यदि शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वह 20 जुलाई से मेरठ कलेक्ट्रेट पर धरना देंगे। उन्होंने रकम न लौटने पर परिवार सहित आत्महत्या की चेतावनी दी है। सीओ किठौर रामप्रकाश ने बताया कि मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।