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मेरठ में दंगा कराने की साजिश रचने वालों पर रासुका में होगी कार्रवाई, एक नजर में पढ़ें पूरी खबर

Sun, 21 May 2017 02:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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मेरठ में दंगा कराने की थी साजिश
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मेरठ में एक्सीडेंट में युवक की मौत पर बवाल पुलिस की लापरवाही से हुआ। पुलिस समय से पहुंच जाती तो शायद इसकी नौबत न आती। पुलिस से डंडे छीनकर बवालियों ने तोड़फोड़ की। इसकी रिपोर्ट शनिवार को लखनऊ पहुंच गई। आईजी ने निर्देश दिए हैं कि बवालियों को पहचान कर जेल भेजें। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) तहत कार्यवाही कराएं। कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आठ बवालियों की पहचान कर उनकी तलाश में दबिश दी। 
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ईव्ज चौराहे पर कपड़ा व्यापारी हाजी इकबाल के बेटे ओसामा की शुक्रवार को एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। सूचना के आधा घंटे देरी से पुलिस पहुंची थी। बवालियों ने एक दर्जन से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की कोशिश की थी। पुलिस से भी डंडे छीन लिए गए थे। शहर का माहौल बिगड़ने से बचा था। 
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मेरठ पुलिस की लापरवाही बताई गई

आधा घंटा लेट पहुंची थी पुलिस
एलआईयू ने शनिवार को इस बवाल की रिपोर्ट लखनऊ भेजी, जिसमें मेरठ पुलिस की लापरवाही बताई गई। वहीं, एडीजी जोन आनंद कुमार और आईजी रेंज रामकुमार ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताकर कार्रवाई करने की बात कही है। आईजी ने मेरठ पुलिस को निर्देश दिए है कि पुलिस से डंडे छीनकर बवाल करने वाले सभी बवालियों की पहचान करें। 48 घंटे में सभी बवालियों को जेल भेजकर उनके खिलाफ रासुका लगाने की कार्यवाही शुरू करे। ऐसे बवालियों को कतई नहीं बख्शा जाए। एक्सीडेंट में मौत पर बवाल करने वालों की कोतवाली पुलिस ने पहचान करनी शुरू कर दी। 

एसओ कोतवाली विजय गुप्ता ने बताया कि फुटेज के आधार पर दानिश पुत्र महमूद, फारूक पुत्र काका धोबी, अब्दुल पुत्र दीनू, तबरेज पुत्र दीनू, बिलाल पुत्र इकबाल, अमर पुत्र दीनू, आड़ा पुत्र असरफ और गांधी पुत्र असरफ की पहचान की गई है। वहीं, मौके से पकड़े आरोपी फिरोज पुत्र हाजी इकबाल, फैसल पुत्र असरफ, आफताब पुत्र इरशाद और लो फ्लोर बस के ड्राइवर व कंडक्टर को जेल भेजा। 

एसपी ट्रैफिक से मांगा जवाब

युवक की मौत के बाद जमकर हुआ था बवाल
ईव्ज चौराहे पर बवाल के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब भी आईजी ने एसपी ट्रैफिक से मांगा हैं। बवाल के दौरान लगातार वहां से वाहनों की आवाजाही चलती रही। बवाली वाहनों को तोड़ते रहे। आईजी ने कहा जांच कराकर ट्रैफिक पुलिस पर कार्रवाई होगी। 

अवैध पार्किंग भी हटाओ  
आईजी का कहना है कि नगर निगम और एमडीए के अधिकारियों से बातचीत कर पुलिस सड़क से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने का काम किया जाएगा। युवक ओसामा की मौत ईव्ज अस्पताल के सामने अवैध पार्किंग के चलते हुई है। पुलिस की घोर लापरवाही सामने आयी हैं।

अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों को भी पहचानो

पुलिस ने भीड़ पर किया था लाठीचार्ज
पूर्व पार्षद किन्नर हाजी फाको की मौत के बाद आनंद हॉस्पिटल में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान करने के भी आईजी ने निर्देश दिए है। आईजी का कहना है कि बवालियों पर कार्रवाई होना बहुत जरूरी है। किसी एक्सीडेंट या हत्या के बाद बवाल करके कुछ लोग माहौल खराब करने का प्रयास करते है। कानून के तहत कार्रवाई की जाती है, बावजूद कुछ लोग बवाल करते हैं। कैमरों से पहचान कराकर उनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई होगी। 

दंगा कराने की थी साजिश 
शहर में दंगा कराने की बड़ी साजिश थी। ओसामा की मौत पर पहुंची भीड़ को उकसाने के लिए पांच लोग पहुंचे थे। यही पांच लोग अस्पताल से सटी कॉलोनी के लोगों को भी भड़का रहे थे। गनीमत रही कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात को काबू में किया। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक एक्सीडेंट में युवक की मौत पर बवाल के पीछे कुछ लोगों के इरादे बहुत खराब थे। बवाल को सांप्रदायिक रुप देकर माहौल खराब कराना का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने इन पांचों युवकों की तलाश शुरू कर दी है। 
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सन्नाटा पसरा

करीब वाहनों में की थी तोड़फोड़
माहौल खराब होने के अंदेशे को देखते पुलिस ने ओसामा के शव को शुक्रवार रात ही सुपुर्द-ए-खाक करा दिया था। बवाल करने वाले लोग गुदड़ी बाजार और शाहपीर गेट के बताए जा रहे हैं। शनिवार दोनो ही जगहों पर पुलिस का पहरा था। दिन भर वहां सन्नाटा पसरा रहा। बवाल करने वाले लोग फरार हो गए थे। ओसामा के घर पर भी लोगों की संख्या ज्यादा नहीं थी। पीड़ित परिवार में मातम छाया हुआ है। 

कोतवाली थाने का घेराव
नेशनल लोकमत पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल और युवा सेवा समिति अध्यक्ष बदर अली के नेतृत्व में शनिवार को गुदड़ी बाजार के लोगों ने कोतवाली घेर ली। आरोप लगाया कि ओसामा की मौत होने के बाद अब पुलिस उनके परिवार के  लोगों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है। गाड़ियों में तोड़फोड़ करना भी लोगों ने कबूल किया, लेकिन बवाल कराने के पीछे दूसरे लोगों का हाथ बताया। जोकि पीड़ित परिवार के लोगों को भड़का रहे थे। सीओ कोतवाली ने कहा कि पुलिस बेकसूर लोगों को नहीं पकड़ेगी। बवाल, मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी का प्रयास करने वाले जेल जाएंगे।
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