सीसीएसयू की परीक्षा पर इस बार होगा सबसे ज्यादा खर्च
मेरठ। सीसीएसयू के 55 साल के इतिहास में इस बार फाइनल ईयर की परीक्षाओं में सबसे ज्यादा खर्च होगा। एक सितंबर से मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में 210 सेंटरों पर होने वाली परीक्षा में रोजाना तीन बार सैनिटाइजेशन कराना होगा। एक कमरे में पहले से आधे छात्र-छात्राएं बैठेंगे, ऐसे में कमरों की संख्या भी दोगुनी रहेगी। हर सेंटर पर कम से कम दो थर्मल स्कैनर रखने होंगे। बीएड की तरह ही जिन छात्र-छात्राओं को टेंपरेचर होगा उनको अलग कमरों में बिठाकर परीक्षा दिलाई जाएगी। ऐसे में हर सेंटर पर रोजाना चार से पांच हजार रुपये सैनिटाइजेशन पर ही खर्च हो जाएंगे। एक महीने तक चलने वाली परीक्षा में सेंटरों पर दो से ढाई लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। ऐसे में 210 सेंटरों पर चार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। इतना अतिरिक्त खर्च इससे पहले कभी नहीं हुआ है।
परीक्षा में सभी नियम बीएड प्रवेश परीक्षा की तरह ही लागू होंगे। कमरों में पहले जितने छात्र-छात्राएं बैठते थे, उससे अब आधी संख्या होगी। बीच में एक कुर्सी को हटा दिया जाएगा। सभी को इसी तरह से सीटिंग प्लान बनाने के लिए कहा गया है। सभी सेंटरों से स्पष्ट कहा गया है कि मेन गेट पर दो थर्मल स्कैनर रखें, ताकि हर छात्र का तापमान चेक किया जा सके। जिसको तापमान 99 या उससे ज्यादा होगा, ऐसे छात्र-छात्राओं को परीक्षा अलग कमरों में दिलाई जाएगी। गेट पर एंट्री के समय सभी के हाथ सैनिटाइज कराए जाएंगे। हर छात्र-छात्रा को मास्क पहनकर आना होगा नहीं तो एंट्री नहीं दी जाएगी।
तीन पालियों में परीक्षा
परीक्षा तीन पालियों में होनी है। इसमें सुबह आठ बजे से 10 बजे तक, दूसरी पाली की परीक्षाएं 11.30 से 1.30 तक और तीसरी पाली की परीक्षाएं दोपहर 2.30 से 4.30 के बीच होगी। ऐसे में तीन बार सैनिटाइजेशन कराना होगा। इसको लेकर सभी सेंटरों से विवि प्रशासन से पूछा जा रहा है कि सैनिटाइजेशन और थर्मल स्कैनर खरीदने के लिए उनके पास बजट नहीं है। इसको विवि को ही देना पड़ेगा। इसको लेकर अभी विवि प्रशासन ने भी कुछ स्पष्ट नहीं किया है।