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बच्चों की जान से खिलवाड़ क्यों

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बड़ौत के जलालपुर गांव में प्रधान के आवास पर टीकाकरण के लिए बच्चों व महिलाओं का इंतजार करती स्वास् - फोटो : BARAUT
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आपकी ये जिद, मासूमों की जिंदगी पर पड़ सकती है भारी
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भ्रांतियों के भ्रमजाल में फंसे गांव जलालपुर के लोग नहीं करा रहे टीकाकरण
परिजनों की बेतुकी बात, राशन-पानी बंद कर दो, हम बच्चों को नहीं लगाने देगें टीका
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। गांव जलालपुर में भ्रांतियों के भ्रमजाल में फंसे कुछ लोग टीकाकरण नहीं करा रहे हैं। बेतुकी बातें कर रहे हैं और यहां तक कह रहे हैं कि भले ही राशन-पानी बंद कर दो, लेकिन टीकाकरण नहीं कराएंगे। ये लोग भूल रहे हैं कि उनकी ये जिद उनके ही लाड़लों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
गांव के मुस्लिम बहुल क्षेत्र में टीकाकरण का विरोध अधिक है। प्रधान और चिकित्सकों के लाख समझाने के बावजूद लोग ये टीकाकरण के लिए तैयार नहीं है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जलालपुर में दो साल तक के करीब 217 बच्चों की सूची तैयार की है, जिन्हें गलाघोटू, खसरा, टीवी, पीलिया, काली खांसी सहित अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण किया जाना है। 150 बच्चों का टीकाकरण हो चुका है, लेकिन जब टीम गांव मेें ही मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पहुंची तो टीकाकरण का विरोध करते हुए टीम को लौटा दिया गया। इसके बाद से टीमें करीब दस बार वहां जा चुकी हैं, लेकिन हर बार विरोध हुआ।
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इस समय 57 बच्चे व तकरीबन 40 से अधिक गर्भवती महिलाएं ऐसी है, जिनका अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ। जब प्रधान ने उक्त लोगों से टीकाकरण न कराने पर सरकारी योजनाओं से वंचित करने की बात कहीं तो इन लोगों ने लिखित में स्वास्थ्य विभाग व प्रधान को लेटर थमा दिया कि चाहे कुछ भी कर लो, हम टीकाकरण नहीं कराएगें।
ये बोले प्रधान
बड़ौत। प्रधान शहीद चौधरी का कहना है कि गांव के 25 से अधिक घर टीकाकरण का विरोध कर रहे है। उन्हें समझाया जा चुका है, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं है। इस मसले को लेकर समाज के धर्म गुरू व डीएम सहित एसडीएम से जल्द मुलाकात की जाएगी।
ये बोले चिकित्सक
बड़ौत। सीएचसी अधीक्षक डा विजय कुमार का कहना है कि जलालपुर गांव में प्रधान व टीम के द्वारा समझाएं जाने के बावजूद टीकाकरण नहीं होने दिया जा रहा है, विरोध कर रहे लोगों ने लिखित में टीकाकरण न कराने की बात कहीं है।
टीकाकरण न कराने पर करेंगे योजनाओं से वंचित: एसडीएम
एसडीएम दुर्गेश मिश्र का कहना था कि मामला गंभीर है, यदि कुछ लोग टीकाकरण का विरोध कर रहे है तो उच्चाधिकारियों से बातचीत कर उन्हेें सरकारी योजनाओं से वंचित रखा जाएगा।
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टीकाकरण के फायदों को समझे:आरिफ उल हक
बड़ौत। फूंसवाली मस्जिद के शाही इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने कहा कि यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है। सरकार स्वास्थ्य संबंधित तमाम योजनाएं चला रही है। लोगों को विरोध करने की बजाएं समझना चाहिए, और टीकाकरण के फायदें जानकार सहयोग करना चाहिए। ऐसे लोगों से बातचीत की जाएगी।
टीकाकरण से होने वाले फायदे
1- टीकाकरण कराने से बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरक्षण विकसित होता है
2- वैक्सीनेशन से बच्चों में कई संक्रामक बीमारियों की रोकथाम हो जाती है।
3- खसरा, टिटनेस, पोलियो, क्षय रोग, गलघोंटू, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी से होता है बचाव
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