फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

21 साल बाद लहराया यहां भाजपा का भगवा

Sat, 11 Mar 2017 09:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विज्ञापन
deoband
विज्ञापन
पश्चिम उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण देवबंद विधानसभा सीट पर 21 साल बाद भाजपा का कमल खिल गया। ठाकुर बाहुल्य माने जाने वाली इस सीट पर जड़ोदाजट के कुंवर ब्रिजेश सिंह रावत ने 29,323 मतों से जीत प्राप्त की। 
विज्ञापन


देश की आजादी के बाद से लेकर आज तक देवबंद विधानसभा सीट पर सर्वाधिक ठाकुर बिरादरी का ही कब्जा रहा है, यहां अलग-अलग पार्टियों से राजपूत बिरादरी के प्रत्याशियों ने ही जीत हासिल की है। जड़ोदाजट गांव की बात करें तो यहां के ठाकुर महावीर सिंह 1969 से लेकर 1977 तथा 1980 से लेकर 1989 तक चार बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। इस बार यहीं के निवासी कुंवर ब्रिजेश सिंह रावत ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर 10,1977 वोट हासिल किए। ब्रिजेश ने बसपा प्रत्याशी माजिद अली को 29,323 वोटों से हराया। माजिद को 72,654 मत ही नसीब हुए। देवबंद में 1993 में पहली बार शशीबाला पुंडीर ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। जबकि उसके बाद 1996 के विधानसभा चुनाव में सुखबीर सिंह पुंडीर भाजपा के टिकट पर जीते थे। लेकिन उसके बाद भाजपा को इस सीट पर जीत नसीब नहीं हुुई। अब 21 साल बाद कुंवर ब्रिजेश सिंह ने जीत हासिल कर यह सीट देवबंद में झोली में डालने का काम किया है।    
विज्ञापन


1952 से लेकर अब तक देवबंद सीट पर चुने गए विधानसभा सदस्य
ठाकुर फूल सिंह (कांग्रेस) 1952 से 1957 
ठाकुर यशपाल सिंह (स्वतंत्र) 1957 से 1962
ठाकुर फूल सिंह (कांग्रेस) 1962 से 1967
ठाकुर फूल सिंह  (कांग्रेस) 1967 से अप्रैल 1968
ठाकुर महावीर सिंह (कांग्रेस) 1969 से 1974
ठाकुर महावीर सिंह (कांग्रेस) 1974 से 1977
मौ. उस्मान  (जनता दल) 1977 से 1980
ठाकुर महावीर सिंह (कांग्रेस) 1980 से 1985
ठाकुर महावीर सिंह (कांग्रेस) 1985 से 1989
महावीर सिंह राणा (कांग्रेस) 1989 से 1991
ठा. वीरेंद्र सिंह (जनता दल) 1991 से दिसंबर 1992
शशीबाला पुंडीर (भाजपा) 1993 से 1995
सुखबीर सिंह पुंडीर (भाजपा) 1996 से 2002
राजेंद्र सिंह राणा  (बसपा) 2002 से 2007
मनोज चौधरी (बसपा) 2007 से 2012
राजेंद्र सिंह राणा (सपा) 2012 से अक्तूबर 2016
माविया अली (कांग्रेस) 2016 से अब तक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें