मेरठ में यदि यह प्लान धरातल पर उतरा तो मेरठ का रंग रूप ही बदल जाएगा। सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मेरठ के ऐसे विभिन्न प्रोजेक्ट पर काम करने को कहा है, जो काफी समय से लंबित हैं। हालांकि एक नया प्लान एलीवेटिड रोड के रूप में सामने आया है, जो यातायात व्यवस्था सुधारने में बेहद कारगर साबित हो सकता है। इस नए प्लान पर काम करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने भी कमर कस ली हे।
फिर उठेगा आउटर रिंग रोड का प्रस्ताव
शहर की तरफ प्रवेश करने वाले सभी मुख्य मार्गों को जोड़ने के लिए मेरठ में 70 किमी की आउटर रिंग रोड प्रस्तावित है। यह दिल्ली रोड से हापुड़ रोड, वहां से मवाना रोड रुड़की रोड तथा वहां से घूमते हुए फिर दिल्ली रोड पर आकर मिलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। रोड को दो लेन बनाने का प्रस्ताव बनाया गया था। एनएच-58 पर एक तरफ यह मोहिउद्दीनपुर के पास तो दूसरी तरफ दौराला के पास क्रॉस कराने की योजना थी। इस पर काम करने से एमडीए ने हाथ खडे़ कर दिए। कहा कि आउटर रिंग रोड को एमडीए किसी भी सूरत में नहीं बना सकता। इसके लिए पहले तो भू अधिग्रहण टेढ़ी खीर है। यदि अधिग्रहण हो भी गया तो इसके लिए मुआवजा और फिर बनाने के लिए पैसा एमडीए के पास नहीं है। यह तीन सौ करोड़ से भी ज्यादा का प्रोजेक्ट है। ऐसे में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन अब फिर से डिप्टी सीएम ने इस पर काम करने को कहा है। ऐसे में इस प्रस्ताव को फिर से देखना होगा और योजना तैयार करनी होगी।
इनर रिंग रोड पर होगी सख्ती
शहर में 34 किमी लंबी इनर रिंग रोड प्रस्तावित की गई है, जो गढ़ रोड से हापुड़ रोड तक बन गई है। अब हापुड़ रोड से जुर्रानपुर फाटक पर कनेक्ट होनी है। फाटक के इस तरफ दिल्ली रोड पर पांच सौ मीटर आगे आकर मिलनी है। सुपरटेक चौराहा से मोहकमपुर रजवाहे के दोनों तरफ रजवाहे को मिलाकर 45 मीटर चौड़ी रोड बननी है। कुल मिलाकर हापुड़ रोड पर बिजली बंबा बाईपास से एनएच-58 हाइवे तक का यह हिस्सा 12 किमी लंबा है। इस पर भी आगे काम नहीं हो रहा है। एमडीए ने कहा कि लोनिवि इस पर काम कर सकता है। इस पर लोनिवि अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। लेकिन अब डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया है कि वह अपने विवाद निपटाकर इस पर काम करे।