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हिन्दू-मुस्लिम का यह दुलारा लगता है, हमें तिरंगा...

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सरधना। ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू में गंगा जमुनी कवि सम्मेलन व मुशायरे में प्रस्तुति देता कवि। संव
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सरधना। नगर के ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू में मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने फीता काटकर कार्यक्रम शुरू किया। अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी ने की।
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वासीम झिंझनवी ने गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाती पंक्तियां पढ़ीं। हिंदू-मुस्लिम का यह दुलारा लगता है, हमें तिरंगा बहुत प्यारा लगता है। हास्य कवि योगेश समदर्शी ने अपनी चुटीली कविताओं से श्रोताओं को खूब हंसाया। दीपक निराला की हास्य कविताओं ने माहौल को और भी जीवंत कर दिया। इंद्रजीत सुकुमार ने शब्दों की चिंगारी रख दी कागज़ पर, सपने और खुमारी रख दी कागज पर अपना सब कुछ सौंप दिया मैंने तुमको, कितनी आस कुआरी रख दी कागज पर।
कवयित्री सुभि सक्सेना ने देशभक्ति से ओतप्रोत कविता सुनाकर उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। संचालन इरशाद बेताब ने किया और आयोजन जितेंद्र पांचाल के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान सूर्यदेव त्यागी, मनमोहन त्यागी, डॉ. महेश सोम, फरमान अंसारी, खालिद अंसारी एवं शावेज अंसारी, शानू जैन, इमरान ठाकुर, शहजाद आदि मौजूद रहे। संवाद

सरधना। ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू में गंगा जमुनी कवि सम्मेलन व मुशायरे में प्रस्तुति देता कवि। संव

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