मेरठ। सपा सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट साइकिल ट्रैक एक बार फिर चर्चा में आया है। इस बार प्रदेश सरकार इसकी थर्ड पार्टी जांच करा रही है। आगरा से आई टीम ने बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस के सामने एमडीए इंजीनियरों के साथ सड़क के नमूने लिये। हालांकि, ट्रैक पर आज तक एक भी साइकिल नहीं दौड़ी है।
वर्ष 2016 में करीब छह करोड़ रुपये की लागत से साइकिल ट्रैक का निर्माण किया गया था। तब से लेकर अब तक ट्रैक साइकिल चलने लायक नहीं रह गया है। यह कई स्थानों पर धंस गया है। वहीं, बोलार्ड भी टूट गए हैं। रात में ट्रैक को जगमग करने के लिए लगाई गईं लाइटें एवं पोल गायब हैं। किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने ट्रैक पर ध्यान नहीं दिया। जनता की मेहनत की कमाई का धन ट्रैक में खपा दिया। अब सरकार इसकी थर्ड पार्टी जांच करा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि रखवाली ही नहीं की तो जांच से क्या फायदा होगा। जांच टीम के साथ अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सिंह मौजूद रहे। एमडीए में कई वर्ष पहले वायर घोटाले के चलते भी साइकिल ट्रैक चर्चा में आया था। इस मामले में कई अधिकारियों पर गाज गिरी थी। साइकिल ट्रैक जितना चर्चा में रहा उसका बिल्कुल उपयोग नहीं हो सका।