28 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दौड़ : 15 सितंबर को कैलाश प्रकाश स्टेडियम में शामली, बागपत और हापुड़ आदि जिलों के 1,017 अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा में भाग लिया था। भीषण गर्मी और उमस के बीच 28 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दौड़ लगाते समय 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ गई थी। इनमें से सात को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी।
इससे पहले, शामली के लिसाड़ गांव निवासी पूर्व सैनिक अंकुज मलिक (39) की मंगलवार शाम को मौत हो गई थी। वहीं, हापुड़ के मुक्तेश्वरा निवासी दूसरे अभ्यर्थी तरुण ने भी मंगलवार रात न्यूटिमा अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
दो मौतों के बाद चेते जिम्मेदार
मंगलवार को 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर 'अमर उजाला' ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था कि कड़ाके की धूप और उमस के दौरान दौड़ कराने के कारण यह हादसा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने दोपहर में दौड़ कराना बंद कर दिया। अब अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर दर्ज समय से 90 मिनट पहले बुलाकर दोपहर से पहले ही दौड़ पूरी कराई जा रही है। हालांकि, अब भी रोजाना अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है।
अभ्यर्थियों की मौत पर भर्ती बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट
होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान शामली के लिसाढ़ गांव निवासी पूर्व सैनिक 40 वर्षीय अंकुज मलिक, गुर्जरपुर निवासी सचिन कुमार और हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के मुक्तेश्वर निवासी तरुण की मौत के मामले में होमगार्ड भर्ती बोर्ड ने नोडल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
बोर्ड ने अभ्यर्थियों की मौत का कारण और शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान किए गए बंदोबस्त की जानकारी मांगी है। भर्ती परीक्षा के नोडल अधिकारी एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट भर्ती बोर्ड को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार को भी शारीरिक दक्षता परीक्षा जारी रहेगी। इसमें 1050 महिला और पुरुष अभ्यर्थी शामिल होंगे।
एक की हालत बिगड़ी, दूसरे के पैर में फ्रैक्चर
होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में रविवार को दौड़ के दौरान अलीगढ़ के दो अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ गई। सन्नी कुमार के पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि इसी जिले के कार्तिक कुमार की तबीयत खराब हो गई। दोनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
बताया जा रहा है कि सन्नी के पैर में पहले भी फ्रैक्चर हो चुका है। दोनों अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद एक अभ्यर्थी को परिजन कुछ देर बाद ही घर ले गए, जबकि दूसरे का उपचार चल रहा है। रविवार को परीक्षा के दौरान करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ी। हालांकि किसी महिला अभ्यर्थी को मेडिकल सुविधा की जरूरत नहीं पड़ी।