मेरठ में थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र में मारपीट के एक मामले को लेकर भाजपा नेता और एसएसआई की जमकर नोकझोंक हुई। आरोप है कि भाजपा नेता ने एसएसआई को ट्रांसफर कराने की धमकी दे दी।
आपको बता दें कि रविवार को फाजलपुर निवासी राहुल पुत्र बाबू ने काम करने के बाद मजदूरी मांगी तो युवकों ने मजदूरी देने की बजाय की उसकी पिटाई कर दी। युवक पुताई का काम करता है। राहुल ने बताया कि वह फाजलपुर निवासी नेपाली के रोहटा रोड स्थित घर में काम कर रहा है। शनिवार रात उसने नेपाली से काम के पैसे मांगे तो उसने उसके साथ मारपीट कर दी। इस पर वह थाने पहुंचा।
वहां उसने मामले में शिकायत की और भाजपा महानगर उपाध्यक्ष विवेक रस्तोगी से बातचीत कराने के लिए फोन मिलाकर एसएसआई विनोद कुमार को दे दिया, लेकिन एसएसआई ने बात करने से इनकार कर दिया। इस पर भाजपा नेता दर्जनों समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और एसएसआई को ट्रांसफर कराने की धमकी दी। इस दौरान दोनों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। एसएसआई का कहना है कि मारपीट के मामले में भाजपाई जानलेवा हमले का केस दर्ज कराना चाहते थे जबकि मामला पैसों के लेनदेन को हुई मारपीट का था। भाजपा नेता ने ट्रांसफर कराने की भी धमकी दी है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। वहीं भाजपा नेता विवेक रस्तोगी का कहना है कि एसएसआई को कोई धमकी नहीं दी है।