सीसीई के कारण सभी छात्रों के 10 सीजीपीए, ए वन ग्रेड आ रहे हैं। पता ही नहीं चलता कि कौन सा छात्र पढ़ाई में कैसा है। लेकिन रैंक और नंबर आने से कम से कम यह पता चलेगा कि छात्रों का स्टफ कैसा है। उसी हिसाब से स्ट्रीम देंगे। छात्र के करियर के लिए भी यह अच्छा है।
-अनुपमा सक्सेना, प्रिंसिपल गार्गाी गर्ल्स स्कूल
सालभर करनी होगी पढ़ाई
ग्रेडिंग के स्थान पर मार्क्स का मिलना ये बहुत अच्छा कदम है। सीसीई में सेमेस्टर सिस्टम था। जिसमें सिलेबस डिवाइड था। लेकिन अब एनुअल सिस्टम लागू हो गया है। अब स्टूडेंट को पूरा सिलेबस लास्ट तक पढ़ना होता है।
- सविता चड्डा, प्रिंसिपल डीपीएस बागपत रोड
छात्र कर सकेंगे खुद का आंकलन
ग्रेडिंग सिस्टम की सबसे बड़ी दिक्कत थी कि टॉपर पता नहीं चलता था। लेकिन मार्क्स सिस्टम लागू होने से टॉपर का पता चलेगा। साथ ही स्टूडेंट अपने पढ़ाई का लेवल भी जान पाएंगे, जो कि ए वन ग्रेड मिलने के बाद भी पता नहीं चलता था।
-चंद्रलेखा जैन, प्रिंसिपल सेंट जोंस स्कूल
कांपटेटिव स्प्रिट बढ़ेगी
सीसीई खत्म होना बहुत अच्छा है। इससे छात्रों में कांपटेटिव स्प्रिट बढ़ेगी। बोर्ड रीइंट्रड्यूस हुआ है बहुत अच्छा है। छात्र गंभीरता से पढ़ाई करेंगे जो कि अभी खत्म हो चुका था। मॉडरेशन खत्म होने से कुछ छात्रों को परेशानी है। लेकिन अन्य छात्रों के लिए यह अच्छा है।
-राहुल केसरवानी, प्रिंसिपल मेरठ सिटी पब्लिक स्कूल
नहीं छूटेगी पढ़ाई की आदत
अमूमन छात्र 10वीं में होम एग्जाम को सेलेक्ट करके दसवीं को बहुत कैजुअली लेते हैं। दसवीं फाइनल एग्जाम आते-आते छात्रों की पढ़ाई की आदत छूटने सी लगती है। जिसका असर उनके 11वीं के फर्स्ट एग्जाम में ही दिखता था। लेकिन अब पढ़ाई की आदत नहीं छूटेगी। 11वीं में भी झटका नहीं लगेगा।
- संजीव अग्रवाल, प्रिंसिपल एमपीएस मेन विंग
12वीं बोर्ड का होगा अभ्यास
दसवीं में अधिकांश छात्र होम बोर्ड को चुनकर परीक्षा देते, इससे छात्रों को बोर्ड परीक्षा को फेस करने की प्रैक्टिस ही नहीं होती। यही छात्र जब 12वीं में बोर्ड एग्जाम देते तो एग्जाम का पीयर प्रेशर हावी हो जाता। लेकिन जब छात्र 10वीं में बोर्ड परीक्षा से वाकिफ हो रहा है तो उसका लाभ 12वीं में मिलेगा।
-डॉ. आरके पांडे, प्रिंसिपल जेपी एकेडमी गंगानगर
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