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यूपी: गंगनहर पटरी मार्ग पर लगातार हो रहे हादसे, अधिकारी बैठे आंखें मूंदे, सबूत हैं ये चार बड़े मामले

Tue, 24 Nov 2020 09:48 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर में दिल्ली-दून हाईवे पर बढ़ते वाहनों के दबाव व टोल प्लाजा पर शुल्क से बचने के लिए वाहन उत्तराखंड-दिल्ली के बीच की दूरी तय करने को गंगनहर पटरी मार्ग का रुख करते हैं। रखरखाव के अभाव में मुरादनगर से शुरू होकर रुड़की तक जाने वाले गंगनहर पटरी मार्ग की टूटी पटरी व रेलिंग लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं। हादसों के शिकार वाहन सीधे करीब 15 फीट गहरी गंगनहर में गिरते हैं। जिले के थाना रतनपुरी, खतौली, सिखेड़ा व पुरकाजी क्षेत्र गंगनहर पटरी मार्ग इस तरह के हादसों के हॉटस्पॉट बने हुए हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

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रतनपुरी
गंगनहर पटरी मार्ग पर 30 जून 2019 को तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर सड़क की रेलिंग तोड़ते हुए गंगनहर में जा गिरी। हादसे में चांदनी चौक दिल्ली निवासी सौरभ दिवाकर व हेमंत भातरे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 13 दिसंबर 2019 को स्क्रैप लदा कंटेनर रेलिंग तोड़ते हुए गंगनहर में जा गिरा था। चालक आस मौहम्मद निवासी खिवाई थाना सरूरपुर, मेरठ गंभीर रूप से घायल हो गया था। नौ मार्च 2019 को बरातियों से भरी बोलेरो सड़क किनारे खराब खड़े डंफर में घुस गई थी। इस हादसे में देवबंद के गांव रणखंडी निवासी रवि, संजय, केशव, संदीप व अनुज की मौत हो गई थी। 12 नवंबर 2019 को गांव खेवड़ा पानीपत निवासी चांद अंतिल की कार में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिसमें चांद की मौत हो गई थी।

पुरकाजी 
गत 12 फरवरी को ही तेज रफ्तार टाटा स्कॉर्पियो बेकाबू होकर रेलिंग रहित स्थान पर गंगनहर में जा गिरी थी। हादसे में एक युवक की मौत हुई थी, जबकि एक युवक का आज तक सुराग नहीं लग पाया है। इससे पहले गंगनहर में कार गिरने से गाजियाबाद निवासी युवक की मौत हो गई थी।
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सिखेड़ा 
गंगनहर पटरी मार्ग पर सफर भगवान भरोसे है। गंगनहर किनारे की रेलिंग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जहां मिट्टी से भरे बोरे लगाकर औपचारिकता पूरी की गई है। करीब दो साल पूर्व चित्तौड़ा झाल के निकट तेज रफ्तार कार गंगनहर में जा गिरी थी, लेकिन गंगनहर सफाई के लिए बंद होने से पानी न होने कारण उनकी जान बच गई थी। गत वर्ष भी सरिये से लदा ट्रक पुल की रेलिंग तोड़कर गंगनहर में जा गिरा था।

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संकेतक और लाइट नहीं होने से होते हैं हादसे
गंगनहर पटरी मार्ग पर रेलिंग क्षतिग्रस्त होने के चलते आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बड़े वाहनों ने जहां गंगनहर मार्ग पर लगे हाइट गेज तोड़ दिए हैं, वहीं कई स्थानों पर रेलिंग भी टूटी हुई है। सर्दी में कोहरे के समय गंगनहर पटरी मार्ग पर सफर करना अत्यधिक घातक है, क्योंकि इस मार्ग पर न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही लाइट की व्यवस्था है। गांव दूधली के निकट और रेलवे के लोहे के पुल के निकट मोड़ होने के कारण यहां इस तरह की घटनाएं अकसर होती रहती हैं।

देर रात तक चलाया सर्च अभियान 
गंगनहर में गिरे दिल्ली के दोनों युवकों को तलाश करने के लिए देर रात तक टीम ने सर्च अभियान चलाया। वहीं, मृत युवती के शव को मोर्चरी भेज दिया गया। देर रात तक युवकों और युवतियों के परिजन यहां नहीं पहुंचे थे।

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