मेरठ। रोडवेज का बृहस्पतिवार से दिवाली अभियान शुरू हो गया है। भैसाली और सोहराबगेट बस अड्डे से गंतव्य को जाने के लिए यात्री दोपहर से लेकर देर शाम तक पहुंचते रहे। अभियान के पहले दिन लंबी दूरी तय करके घर पहुंचने वाले यात्री ही पहुंचे। हालांकि लोकल रूटों के यात्री शुक्रवार को घरों के लिए प्रस्थान करेंगे।
रोडवेज ने त्योहारों पर लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए 12 से लेकर 23 नवंबर तक दिवाली अभियान चलाया है। लंबे रूटों पर सौ से ज्यादा अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है। वहीं, लोकल रूट के लिए बसों के फेरे बढ़ाए हैं। अमर उजाला की टीम रोडवेज के इंतजाम और एसओपी का अनुपालन देेखने दोपहर करीब दो बजे भैसाली बस अड्डा पहुुंची। यहां मेरठ, कौशांबी, भैसाली और हरियाणा डिपो की बसें खड़ी थीं। लखनऊ से आई मेरठ डिपो की बस शामली जाने को तैयार खड़ी थी। वहीं, बराबर में पानीपत डिपो की बस वाया शामली करनाल के लिए खड़ी थी। बस में आधे यात्री बिना मास्क लगाए थे। बस स्टाफ ने उन्हें बैठने से नहीं रोका। वहीं, आधे से ज्यादा बस स्टाफ बिना मास्क लगाए ड्यूटी करते मिला। कई चालक व परिचालक गले में अंगौछा डाले मिले परंतु मुंह नहीं ढका था। हालांकि बस अड्डे से जागरूक करने के लिए लगातार उद्घोषणा की जा रही थी। हैंड्स फ्री सैनिटाइजर मशीन और सेंसर आधारित मशीन भी काम करती मिली।
इन रूटों की बसों में रही ज्यादा भीड़
लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, हल्द्वानी, नजीबाबाद, बिजनौर, जयपुर, अलवर, रामपुर, मुरादाबाद, करनाल, सोनीपत, पानीपत, देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार जाने वाली बसों में भीड़ रही। लोकल रूटों विशेषकर बागपत, बड़ौत और शामली के लिए सामान्य दिनों से ज्यादा यात्री रहे। हालांकि स्थानीय मार्गों पर भीड़ शुक्रवार से निकलेगी।
बसों ने दिया साथ
कोरोना के चलते पिछले साल के मुकाबले कम यात्री ही बसों में दिखाई दिए। यात्रियों के सापेक्ष बसों की पर्याप्त संख्या होने से अभियान के पहले दिन कोई दिक्कत नहीं रही। शुक्रवार को लोकल रूटों पर चलने वाली बसों में भीड़ रहने की संभावना है। हालांकि अधिकारियों ने बसों के फेरे बढ़ाकर इसका प्रबंध किया है।