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यूपी: अखाड़ा बन गया नगर निगम का दफ्तर, अधिकारियों में चले लात-घूंसे, ये है पूरा मामला

Sat, 10 Oct 2020 10:17 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • वेतन को लेकर मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी और सहायक अभियंता निर्माण के बीच हुई मारपीट
  • दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाकर दी तहरीर
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नगर निगम में बैठक के दौरान मारपीट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में वेतन मामले को लेकर नगर निगम दफ्तर दो अधिकारियों के बीच जंग का अखाड़ा बन गया। मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा और सहायक अभियंता निर्माण राजपाल सिंह यादव के बीच जमकर लात-घूंसे चले। कर्मचारियों ने किसी तरह से दोनों का बीचबचाव कराया। दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाकर देहली गेट थाने में तहरीर दी है। नगर आयुक्त ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है।

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नगर निगम सभागार में शुक्रवार को टेंडर कमेटी द्वारा टेंडर खोले जा रहे थे। बताया गया कि रुके हुए वेतन को लेकर सहायक अभियंता निर्माण राजपाल यादव और मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते कहासुनी गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई। दोनों के बीच लात और घूंसे चलने लगे। बैठक में मौजूद अधिकारियों, ठेकेदारों और प्रवर्तन दल सदस्यों ने दोनों अधिकारियों को किसी तरह अलग किया। इस बीच नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया छुट्टी पर चले गए हैं। हालांकि उन्हें घटना की जानकारी दे दी गई। उन्होंने छुट्टी से लौटने के बाद मामला देखने की बात कही है।

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नगर निगम में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा और सहायक अभियंता राजपाल सिंह में मारपीट के मामले में दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर भले ही आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी हो। लेकिन निगम सभागार में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पूरे मामले का सच सामने आ जाएगा। हालांकि निगम कर्मी दोनों पक्षों का समझौता कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

संतोष शर्मा ने तहरीर में आरोप लगाया कि राजपाल सिंह अपने रुके वेतन की जानकारी करने कार्यालय आए थे। नगर आयुक्त द्वारा वेतन पर्ची का सत्यापन कराने की जानकारी देने पर राजपाल सिंह ने गाली-गलौज की। देख लेने की धमकी देकर चले गए। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी मुख्य अभियंता यशवंत कुमार को दी। उन्होंने राजपाल सिंह को बुलाकर पूछा तो आते ही मेरे साथ गाली गलौज करते हुए वेतन रोकने का आरोप लगाया और मेेरे ऊपर हमला कर दिया। जान से मारने की भी धमकी दी। वहीं, राजपाल सिंह ने तहरीर में आरोप लगाया कि वे मुख्य अभियंता से टेंडरों के संबंध में बात कर रहे थे। तभी वहां मौजूद संतोष शर्मा ने गाली-गलौज करते हुए उनके सिर में कुर्सी उठाकर मार दी। लात और घूंसे मारे। इससे उनके मुंह और सिर पर चोट लगी।

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आठ महीने का रुका है वेतन 
राजपाल सिंह दो साल पहले मथुरा नगर निगम से तबादले पर आए थे। वहां से एलसीपी (लास्ट पे सर्टिफिकेट) नहीं आने पर राजपाल सिंह को शुरुआती आठ महीने का वेतन नहीं दिया गया है। इसके बाद से वेतन दिया जा रहा है। राजपाल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी की दिसंबर माह में शादी है। वह अपना आठ महीने का रुका वेतन मांग रहे हैं। इसके लिए उन्होंने गत 25 अगस्त को आवेदन किया था। लेकिन संतोष शर्मा तमाम अड़ंगे लगाकर परेशान कर रहे हैं। वहीं, संतोष शर्मा ने इन आरोपों को झूठा बताया है। 

ब्रजपाल सिंह और भाजयुमो मामला भी ठंडे बस्ते में 
पिछले महीने सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह के साथ भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने अभद्रता कर उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया था। निगम कर्मियों ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं को दौड़ा लिया था। इसमें कई कार्यकर्ताओं ने पिटाई करने की तहरीर देहलीगेट थाने मे दी थी। ब्रजपाल सिंह की तरफ से भी तहरीर दी गई थी। लेकिन 15 दिन से ज्यादा होने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।

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