फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलर्ट: 40 साल में पहली बार सहारनपुर पर टिड्डी दल के अटैक का खतरा, पढ़िए- ये जरूरी सुझाव

Thu, 28 May 2020 01:05 AM IST
कपिल kapil नवीन पांडेय, अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
टिड्डी दल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

वैश्विक महामारी कोरोना का अटैक अभी कम भी नहीं हुआ कि टिड्डी दल के पश्चिमी यूपी के सहारनपुर में अटैक की आशंका ने कृषि वैज्ञानिकों सहित किसानों को चिंता में डाल दिया है। हालांकि 40 साल में टिड्डी दल के अटैक का रिकॉर्ड सहारनपुर में नहीं मिलता है। इसके बावजूद दलों में बंटकर हमला कर रहे टिड्डी ने कृषि विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 

विज्ञापन


सहारनपुर के कृषि वैज्ञानिक टिड्डी दल के राज्यों में प्रवेश का अपडेट पंजाब में तैनात भारत सरकार की टीम से ले रहे हैं। सहारनपुर से लगते हरियाणा की ओर अभी टिड्डी दल की दस्तक नहीं है, यह राहत की बात है, पर निगाहें हर पल टिड्डी दल की घुसपैठ पर हैं। पंजाब से सहारनपुर पर टिड्डी दल के अटैक की मॉनिटरिंग की जा रही है। भारत सरकार की पंजाब, राजस्थान और हरियाणा की मॉनिटरिंग टीम सहारनपुर की टीम के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम कर रही है। 

यह भी पढ़ें: भीषण आग की तस्वीरें: गांव में 100 से ज्यादा घर जलकर राख, रोते-बिलखते रहे परिवार
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश सरकार ने टिड्डी दल को लेकर पश्चिमी यूपी के जिलों को अलर्ट किया है। भारत सरकार की ओर से सहारनपुर मंडल में टिड्डी दलों की घुसपैठ को लेकर पंजाब के फिरोजपुर जिले के फजलपुरी गांव में टिड्डी दल को नियंत्रित करने वाली टीम कैंप कर रही है। सहारनपुर के कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी और कृषि वैज्ञानिक डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि 40 से 50 सालों के बीच टिड्डी दल के सहारनपुर में मौजूदगी की कोई जानकारी रिकॉर्ड में नहीं है। अभी ये जानकारी लगी है कि हरियाणा में टिड्डी दलों का अभी प्रवेश नहीं हुआ है। पंजाब में दो जगहों पर प्रवेश हुआ था, लेकिन कंट्रोल कर लिया गया। डॉ. कुशवाहा ने बताया कि सहारनपुर के किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। तैयारी पूरी है। बस, कुछ जागरूक रहने की जरूरत है। 

कृषि वैज्ञानिक के सुझाव 
- टिड्डी दल रात के समय केवल फसलों पर बैठते हैं। इन पर उसी वक्त हमला करने की जरूरत होती है। 
- टिड्डी दल जिस भी जगह पहुंचेगा, वहां मादा जमीन में अंडे छोड़ देती है और वे फिर दोबारा लौटते हैं।
- जब तक टिड्डी लौटते हैं, तब तक दूसरे जो अंडे के रूप में होते हैं, वे बड़े हो चुके होते हैं।
- टिड्डी पर निगरानी रखने के लिए किसान शाम को फसलों पर जरूर नजर रखें, तुरंत सूचना दें।
- इनसे छुटकारा पाने के लिए रात के समय कीटनाशक का प्रयोग किया जाना चाहिए।
- जिस ओर हवा होती है। उसी ओर भर देते हैं उड़ान। एक उड़ान में 200 किमी का तय कर सकते हैं सफर। 
- संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के मुताबिक एक औसत टिड्डी दल 2500 लोगों का पेट भरने लायक अनाज कर चट सकते हैं।

विज्ञापन

यदि अटैक हो तो कैसे भगाएं
- ये जानना जरूरी है कि अटैक करने वाला ट्डिडी दल पीले रंग का होता है। 
- टिड्डी दल को भगाने के लिए ढोल, नगाड़ों, टीन के डिब्बे, पटाखे, थालियां, लाउडस्पीकर से डरावनी आवाजें बजाएं।
- किसान टोलियां बनाकर इस समस्या से निपट सकते हैं। फायर ब्रिगेड की भी मदद ले सकते हैं।

टीम गठित, 11 विकास खंडों में प्रभारी तैनात
जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई है। चार सदस्यीय टीम गठित कर दी है। अध्यक्ष सीडीओ, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी सदस्य होंगे। कृषि रक्षा अधिकारी को सचिव बनाया गया है। टीम लखनऊ, गोरखपुर, आगरा के वैज्ञानिकों और कृषि विवि के वैज्ञानिकों से सहयोग लेगी। इसके अलावा सहारनपुर के 11 विकास खंडों में नियंत्रण कक्ष प्रभारियों की तैनाती की है। सभी प्रभारियों के मोबाइल नंबर की जानकारी प्रधान सहित सभी को दे दी गई है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें