- प्रभात नगर में चल रही कथा में कृष्ण-सुदामा के प्रसंग सुनाए
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्रभात नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन शनिवार को कथा वाचक डाॅ. रामप्रकाश शास्त्री ने भगवान दत्तात्रेय के साथ ही कृष्ण-सुदामा के प्रसंग सुनाए। उन्होंने कह कि श्रीदत्तात्रेय ने अपने जीवनकाल में 24 गुरु बनाए। भागवत में वर्णन है कि शिक्षा देने वाले गुरु तो अनेक हो सकते हैं लेकिन दीक्षा देने वाला गुरु तो एक ही होता है।
कथा व्यास ने सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मित्रता का ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलता है। अपने मित्र निर्धन सुदामा को भगवान कृष्ण ने पलकों पर बिठाया। उनके चरणों की सेवा स्वयं की। इसके बाद परीक्षित की मुक्ति की कथा सुनाई गई। इस दौरान मुझे गुरु जी दियो बताए बुढ़ापा मेरो कैसे कटे...सहित अन्य भजन सुनाए गए।
कार्यक्रम में दिनेश बंसल, रूप किशोर, निश्छल गुप्ता, आशीष अग्रवाल, शुभम और अभिनव का सहयोग रहा। इस अवसर पर दिनेश बंसल, रूप किशोर, निश्छल गुप्ता, आशीष अग्रवाल, शुभम, अभिनव, निर्मला बंसल, सुषमा, प्रतिभा, सविता, नेहा, इला, रश्मि, काजल, अनुराधा सहित अन्य मौजूद रहे।