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किडनी कांड: अल्फा अस्पताल के प्रबंधन ने डॉ. अफजाल और वैभव से किया किनारा

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अस्पताल
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मेरठ। कानपुर में किडनी के काले कारोबार में शामिल मेरठ के तीन डॉक्टर डॉ. अफजाल, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अमित और डॉ. वैभव मुद्गल अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ये तीनों डॉक्टर मंगल पांडेय नगर स्थित अल्फा हॉस्पिटल से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। मामला सामने आने पर सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया की ओर से अल्फा अस्पताल को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया था। शनिवार को अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले से पल्लू झाड़ते हुए दोनों चिकित्सकों से किसी भी तरह का रिश्ता होने से इन्कार कर दिया।
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सीएमओ ने शनिवार को बताया कि अब कानपुर में खुले किडनी प्रकरण पर अस्पताल प्रबंधन से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया था। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इन्कार किया है। अस्पताल प्रबंधक ने कहा है कि इस मामले से अस्पताल का कोई लेना-देना नहीं है। वैसे, इस अस्पताल पर पहले भी लापरवाही के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। ऐसे ही एक मामले की शिकायत पर सीएमओ ने पिछले वर्ष 28 नवंबर को अल्फा हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था।
सीएमओ ने उस दौरान गाजियाबाद निवासी हरद्वारी लाल की शिकायत पर यह कार्रवाई की थी। हरद्वारी लाल का आरोप था कि उनके बेटे मुकेश कुमार को लकवा का इलाज कराने के लिए 15 नवंबर 2025 को मेडिकल कॉलेज लाया गया था। अगले दिन अज्ञात एंबुलेंस चालक ने उन्हें अल्फा हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। चालक ने 20 से 25 हजार रुपये में इलाज का वादा किया था। अस्पताल में उनसे 90 हजार रुपये जमा कराए थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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तब सीएमओ कटारिया ने अस्पताल का पंजीकरण निलंबित कर दिया था। सीएमओ ने बताया कि पूरे मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट एफआर लगा दी थी। इसके बाद पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने उस समय अस्पताल का लाइसेंस बहाल कर दिया था।
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