संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर में 5 जून से प्रस्तावित मेला बूढ़ा बाबू के आयोजन को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला ने चेयरपर्सन को पत्र भेजकर मेले के आयोजन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर संज्ञान लेने और आवश्यक निर्णय कराने का आग्रह किया है। वहीं, मेले के नाम और आयोजन स्थल को लेकर सभासदों के बीच मतभेद उभरकर सामने आए हैं।
ईओ द्वारा भेजे गए पत्र में मेले के आयोजन की प्रशासनिक और व्यवस्थागत तैयारियों पर विचार करने, संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने तथा आयोजन से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कराने की बात कही गई है। हालांकि, मेले के स्वरूप को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच एक राय नहीं बन सकी है। कुछ सभासदों का कहना है कि मेले का पारंपरिक नाम बूढ़ा बाबू और पुराना स्वरूप बरकरार रखा जाना चाहिए, जबकि कुछ अन्य जनप्रतिनिधि आयोजन के नाम और स्थान में बदलाव के पक्ष में बताए जा रहे हैं। सभासदों के एक वर्ग मानना है कि मेले का आयोजन उसी स्थान पर होना चाहिए, जहां वर्षों से होता आया है। दूसरी ओर कुछ लोगों का तर्क है कि बढ़ती भीड़ और व्यवस्थागत चुनौतियों को देखते हुए वैकल्पिक स्थल पर भी विचार किया जाना चाहिए। इस बार बोर्ड बैठक में मेले का स्थान मंडी परिसर में पास हो चुका है। जबकि कुछ सभासद पुराने स्थान पर ही आयोजन के पक्ष में हैं।
चेयरपर्सन सबीला बेगम का कहना है कि मेला बूढ़ा बाबू नगर की आस्था, संस्कृति और परंपरा से जुड़ा आयोजन है। अधिशासी अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र का परीक्षण कराया जा रहा है। मेले के आयोजन से संबंधित सभी पहलुओं पर नियमानुसार विचार-विमर्श किया जाएगा। मेले के नाम और आयोजन स्थल को लेकर जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह बोर्ड के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।