आरोपी नजाकत ने रिटायर्ड बैंककर्मी के घर किया था काम, की थी रेकी
-पुलिस चोरी का सामान खरीदने वाले दुकानदार की तलाश में जुटी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मेरठ। नौचंदी थाना पुलिस ने रिटायर्ड बैंक कैशियर के घर चोरी करने वाले शास्त्रीनगर निवासी आरोपी पिता-पुत्र नजाकत व सलीम और नजाकत की पत्नी अकीला को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 15 लाख रुपये कीमत के चोरी किए गए आभूषण और दो लाख रुपये नकद बरामद किए। घटना में शामिल चौथे आरोपी दिल्ली निवासी सलमान की पुलिस तलाश कर रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पीड़ित परिवार की वीडियो को इंस्टाग्राम पर देखते थे। आरोपियों ने उनके घर प्लंबर का काम भी किया था। घर पर काम करने के दौरान उन्होंने रेकी की थी। इसके बाद आरोपियों ने चोरी की योजना बनाई थी।
शास्त्रीनगर निवासी राजकुमार खुराना ने थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि 21 जून की रात वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। चोरों ने अलमारी का ताला खोलकर 15 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश में लग गई थी।
रविवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को नौचंदी ग्राउंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चोरी का मंगलसूत्र, चार जोड़ी सोने के टॉप्स, सोने की अंगूठी, चार हीरे के टॉप्स तथा दो लाख रुपये नकद बरामद किए।
आरोपी नजाकत ने बताया कि उसने और सलमान ने पीड़ित के घर पर प्लंबर का काम किया था। पीड़ित के घर पर काम चल रहा था। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित के घर की रेकी की थी। घटना वाली रात आरोपी घर के बाहर लगी बल्ली के सहारे घर के अंदर घुसे थे।
उसकी मुलाकात 2016 में आरोपी सलमान से जेल में हुई थी। जेल से आने के बाद आरोपी प्लंबर का काम करने लगे थे। आरोपी रोज गलियों में घूमकर बंद पड़े मकान व बुजुर्ग लोगों की जानकारी जुटाते थे। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि आरोपियों को कोर्ट में पेश करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
आरोपी नजाकत ने बदल लिया था हुलिया
आरोपी नजाकत ने चोरी करने के बाद अपना हुलिया बदल लिया था। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए सिर के बाल व दाढ़ी कटवा ली थी। चोरी करने के बाद आरोपी लगातार घटना पर नजर रखे हुए था। आरोपी सलमान दिल्ली भाग गया। चोरी के पैसे से आरोपी कुछ दिनों के लिए घूमने चले जाते थे। एक हफ्ता घूमने के बाद दोबारा से चोरी के काम पर लग जाते थे।
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