अमर उजाला....शाही ईदगाह में नमाज अता करते अकीदतमंद।
रमजान के मुकद्दस महीने की इबादतों के बाद शनिवार को मेरठ में ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया गया। जब फिजा में अल्ला हु अकबर की सदाएं गूंजीं तो हर दिल शुक्र और सुकून से भर उठा। शहर की शाही ईदगाह समेत तमाम मस्जिदों में हजारों सफों में बिछे नमाजियों ने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और आपसी सौहार्द की सामूहिक दुआ मांगी।
ईद की नमाज शहर काजी डॉ. जैनुस सालिकीन ने अदा कराई। उन्होंने अपने खुतबे में शिक्षा, स्वच्छता और इंसानियत के रास्ते पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में नमाजी हाथों पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे। नमाजियों ने इसके जरिए ईरान-इस्राइल युद्ध में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और वैश्विक अशांति पर अपना दर्द साझा किया।
वहीं काजी मोहम्मद हस्सान कासमी ने समाज में बढ़ते पारिवारिक विवादों पर चिंता जताई और इस्लामी तालीमों के जरिए मजबूत समाज बनाने पर जोर दिया। मौलाना कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने नसीहत दी कि मुसलमानों को बिरादरी और आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट रहना चाहिए क्योंकि एकता ही इस्लाम की असली ताकत है।
ड्रोन और सोशल मीडिया लैब से की गई निगरानी
त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय ने दिल्ली रोड स्थित मुख्य ईदगाह पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि सड़कों पर नमाज अदा नहीं होगी जिसका पालन बखूबी किया गया। जिले भर में लगभग 1500 पुलिसकर्मी तैनात रहे। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पीएसी बल लगाया गया था। सोशल मीडिया लैब और इंटेलिजेंस की टीमें लगातार सक्रिय रहीं ताकि किसी भी भ्रामक सूचना पर अंकुश लगाया जा सके।
गले मिले, दूरियां मिटीं : मस्ती और जश्न में डूबा शहर
नमाज के बाद शहर का मंजर पूरी तरह बदल गया। जैसे ही नमाजी ईदगाहों से बाहर निकले ईद मुबारक की गूंज के साथ गले मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। दिन चढ़ने के साथ ही युवाओं और परिवारों की भीड़ शॉप्रिक्स मॉल और अन्य शॉपिंग केंद्रों की ओर उमड़ पड़ी। नए कपड़ों में सजे बच्चों ने गेमिंग जोन और झूलों का भरपूर आनंद लिया। शहर के पार्क और पिकनिक स्पॉट परिवारों से गुलजार रहे। लोगों ने घर के बने पकवानों और मिठाइयों का आदान-प्रदान कर खुशियां बांटीं। युवाओं में ईद के जश्न को सोशल मीडिया पर साझा करने का जबरदस्त क्रेज दिखा। हर तरफ सेल्फी और वीडियो बनाने की होड़ मची रही।