राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया एवं केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद रालोद कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया है। शनिवार को पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में नेताओं ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को चेताया कि दो दिन के भीतर आरोपी को दिल्ली सरकार के हाथों न सौंपने पर टीएमसी के सांसदों को दिल्ली से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा।
शुक्रवार को जयंत सिंह के पीएस के मोबाइल पर पश्चिम बंगाल से आई कॉल पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इससे रालोद कार्यकर्ता गुस्सा हैं। शनिवार को बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने बैठक में कहा कि हमें अपनी सरकार और जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है। इस धमकी के पीछे जो भी चेहरा है, वह जल्द ही बेनकाब होगा।
रालोद के वरिष्ठ नेता सुनील रोहटा ने कहा कि चौधरी जयंत की एनडीए में बढ़ती लोकप्रियता और किसानों के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों से विपक्षी घबरा गए हैं। मुर्शिदाबाद से मिली धमकी इसी हताशा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने दो दिन के भीतर दोषी को पकड़कर दिल्ली पुलिस को नहीं सौंपा, तो टीएमसी के सांसदों का दिल्ली में घेराव किया जाएगा। इसके लिए मेरठ कमिश्नरी से हजारों कार्यकर्ता दिल्ली कूच करेंगे। टीएमसी के सभी सांसदों के आवासों के बाहर तंबू गाड़कर अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा।
विधायक गुलाम मोहम्मद ने कहा कि चौधरी जयंत सिंह की सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ घेरे की जरूरत नहीं है, बल्कि देश का किसान, मजदूर और नौजवान उनकी सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है। क्षेत्रीय अध्यक्ष तरसपाल मलिक ने दिल्ली घेराव की रणनीति का समर्थन किया। बैठक में जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज, गौरव जिटौली, पूर्व विधायक विनोद हरित, रणवीर, संजय, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रदेश अध्यक्ष ऋचा सिंह, युवा रालोद के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु, हरेंद्र प्रधान, प्रतीक जैन, विकास, जिला पंचायत सदस्य दीपक, प्रताप लोहिया, विश्वास चौधरी उपस्थित थे।