दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बिना मास्क के कार्य करते मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कोरोना का साया गहरा गया है। परतापुर और गाजियाबाद के 85 श्रमिकों के कोरोना संक्रमित निकलने पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य सात दिनों के लिए बंद हो गया है। परतापुर प्लांट भी बंद करते हुए स्टाफ क्वारंटीन किया गया है। ऐसे में अब समय पर एक्सप्रेस-वे का कार्य सिमट पाना मुश्किल हो गया है।
परतापुर प्लांट में रविवार को 127 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया था, जिनमें छह श्रमिक संक्रमित निकले थे। इन्हें पांचली के धन सिंह कोतवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, गाजियाबाद में हुई अभी तक टेस्टिंग में अभी 79 श्रमिक पॉजिटिव निकल चुके हैं। इन सभी को भी एसआरएम कॉलेज मोदीनगर में क्वारंटीन किया गया है। वहीं, इनके साथ रहने वाले और संपर्क में आने वाले लोगों की जांच की जा रही है।
अब भी बरत रहे लापरवाही
परतापुर तिराहे पर कुछ श्रमिक फ्लाईओवर ब्रिज के लिंटर डालने के लिए सरिए आदि का कार्य कर रहे थे। इतनी संख्या में कोरोना पॉजिटिव श्रमिकों के निकलने के बाद भी उन्होंने मास्क नहीं पहन रखा है। ऐसे में बरती गई लापरवाही और खतरनाक साबित हो सकती है।
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गाजियाबाद में बरती गई लापरवाही
भोजपुर में कार्य रह रहे श्रमिक को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। एक्सप्रेस-वे के अधिकारियों के मुताबिक गाजियाबाद प्रशासन ने किसी भी श्रमिक को क्वारंटीन करने की जरूरत नहीं समझी। ऐसे में संक्रमण फैलता चला गया। जिस कारण दूसरे श्रमिक संक्रमित होते गए।
वहीं, मेरठ प्रशासन ने छह श्रमिकों के संक्रमित निकलने के बाद परतापुर प्लांट के कर्मचारियों और अधिकारियों को सात दिन घर पर रहने के निर्देश दिए हैं, जिससे कोरोना की चेन को तोड़ा जा सके। करीब 40 इंजीनियर भी घर से काम करेंगे और साइट पर नहीं आएंगे।
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