गेहूं का दाना बनने की प्रक्रिया प्रभावित होने से उत्पादन कम होने के आसार
रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर चल रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से दिन में गर्मी का एहसास होने लगा है। गेहूं की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर चल रहा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि इस समय तापमान में बढ़ोतरी से गेहूं का दाना बढ़ने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन घटने का खतरा है।
मौसम में बदलाव का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से गेहूं की फसल पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सोमवार को भी सुबह से ही मौसम साफ रहा और चटक धूप निकली। धूप निकलने से दोपहर के समय में गर्मी का अहसास हुआ और तापमान बढ़कर 28 डिग्री के पास पहुंच गया। मौसम में बदलाव के कोई संकेत नहीं है, जिस कारण तापमान अभी ओर बढ़ेगा। बढ़ता तापमान किसानों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। दिन में तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे फसलों को अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता पड़ सकती है। यदि आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो गेहूं समेत अन्य रबी फसलों पर भी असर पड़ सकता है।
कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि मौसम में बदलाव के संकेत नहीं है, जिस कारण तापमान में ओर बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वैधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति धीमी पड़ने के कारण एक्यूआई का स्तर सोमवार को बढ़कर 192 दर्ज किया गया। गंगानगर में 136, जयभीम नगर में 203, पल्लवपुरम 236, बेगमपुल 190, दिल्ली रोड 199 दर्ज किया गया।