हस्तिनापुर(मेरठ)। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से गंगा का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान के करीब तक पहुंच गया है। इससे सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। अधिकारी एहतियात के तौर पर तटबंध के आसपास बसे लोगों को सावधान कर रहे हैं। साथ ही लोगों को गंगा तट से दूर रहने की चेतावनी दे रहे हैं। वहीं, हर दो-दो घंटे में जलस्तर की रिपोर्ट ले रहे हैं।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक पहुंचते ही स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया। इसकी सूचना तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लगी तो क्षेत्र के लोगों और तहसील कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। तहसीलदार अजय उपाध्याय ने फतेहपुर प्रेम एवं हंसापुर के बीच स्थित गंगा के तटबंध का निरीक्षण किया। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारी और लेखपालों की टीम को स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा है। हालांकि पानी भीकुंड और किशनपुर के जंगल में पहुंच गया है। भीकुंड की सड़क पर पानी धार शुरू हो गई है। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष बालियान के अनुसार गंगा का जलस्तर एक लाख 43 हजार चल रहा है। वहीं, हरिद्वार से एक लाख 49 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज है।
दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा
हस्तिनापुर। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़कर एक लाख 43 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। जिससे गंगा की सहायक सोती नदी का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। गंगा किनारे बसे गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। वहीं, भीकुंड, किशनपुर, मखदूमपुर, जलालपुर जोरा आदि के जंगल में पानी ने धान को चपेट में ले लिया। इससे दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
खतरे के निशान के नजदीक पहुंचा गंगा का जलस्तर
गंगा का जलस्तर बढ़ने से तहसील प्रशासन में हड़कंप है। सिंचाई विभाग का शुक्रताल स्थित ड्रेनेज पर 224 मीटर पर पानी का डिस्चार्ज चलता रहा जबकि खतरे का निशान 226 मीटर पर है। ऐसे में तहसील प्रशासन ने बाढ़ राहत चौकी पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं, ग्रामीणों को गंगा के किनारे से दूरी बनाकर रखने की हिदायत दी जा रही है।
बाढ़ राहत कार्यों की तैयारी है पूरी
तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि अभी तक बढे़ गंगा के जलस्तर से हानि की संभावना नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में अगर अत्यधिक बारिश होती है तो इससे गंगा से बाहर पानी आने संभावना बढ़ सकती है। ग्राम फतेहपुर और हंसापुर के बीच तटबंध पर सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं। गंगा का पानी हंसापुर के समीप कटान कर रहा है। जिससे हंसापुर के समीप तटबंध पर खतरा बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए टीमें लगाई गई हैं। यदि रात में जल स्तर बढ़ता है और बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती हैं तो राहत कार्य की पूरी व्यवस्था है। नाव का भी प्रबंध हो चुका है।
गांवों के रास्तों तक पहुंचा गंगा का पानी। - फोटो : PARIKESHGARH
हस्तिनापुर में गंगा तट से मिलकर बह रही है।- फोटो : MAWANA