हस्तिनापुर(मेरठ)। बारिश के कारण गंगा उफान पर है। तीन दिन पूर्व टूटे शेरपुर नई बस्ती स्थित गंगा तटबंध से पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है। सोमवार को गांव के मुख्य रास्तों पर पानी भरा गया। जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। वहीं, क्षेत्र में पशुओं के लिए चारे का संकट बन गया है। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों की मदद टूटे तटबंध को दुरुस्त कराने में लगे हैं। जिससे पानी को आबादी की ओर बढ़ने से रोका जा सके।
खादर क्षेत्र में तीन दिन पूर्व अचानक बढ़े जलस्तर से शेरपुर नईबस्ती के पास तटबंध टूट गया था। जिससे पानी खेतों में भर गया। अब जलस्तर थोड़ा कम होने पर प्रशासनिक तटबंध को ठीक कराने में लगे हैं। तीन दिनों से लगातार नरेगा के तहत श्रमिक और ग्रामीण पानी को रोकने में लगे हैं। पानी लगातार आबादी की ओर बढ़ रहा है। कई गांवों के मुख्य रास्तों तक पानी पहुंचने से परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ की स्थिति नहीं है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी की गई है। वहीं, सोमवार को तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय ने शेरपुर नई बस्ती के समीप टूटे तटबंध का जायजा लिया। बताया कि एक-दो दिनों में टूटे तटबंध को दुरुस्त कर लिया जाएगा। इस दौरान राजस्व निरीक्षक अरविंद कुमार व लेखपाल जितेंद्र वर्मा, गौरव कुमार, प्रवीण कुमार, गुरु वचन, किशन चंद, राधेश्याम आदि मौजूद रहे।
आवागमन में परेशानी, चारे का संकट
गांव हंसापुर, परसापुर, शेरपुर नई बस्ती व सिर्जोपुर जाने वाले सभी रास्तों पर पानी भरा हुआ है। जिसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। लोग वाहनों की मदद से ही रास्ते से गुजर रहे हैं। रास्ते के गड्ढे पानी अधिक होने से दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। जिससे कई वाहन बंद हो जाते हैं। वहीं, ग्रामीणों के मुताबिक खेतों में पानी भरने से चारे का संकट गहरा गया है। क्षेत्र में साठी धान कई खेतों में पक कर तैयार है। तटबंध टूटने से हजारों हेक्टेयर धान की पकी फसल में पानी भरने से नुकसान की संभावना बनी है।
कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
प्रतिवर्ष गंगा बाढ़ को देखते हुए शेरपुर नई बस्ती, हंसापुर प्रसव पूर्व के काफी लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाते हैं। जबकि कुछ लोगों के पास साधन नहीं होने के चलते अपने घरों में खतरे का सामना करना पड़ता है। इस बार भी काफी ग्रामीणों ने दूसरे गांव, कस्बे में शरण ले ली है।
दिनरात तटंबध को ठीक करने में लगे ग्रामीण
शेरपुर नई बस्ती के ग्रामीण वीरेंद्र सिंह, अंकित कुमार, मनोज चौधरी, देवेंद्र सिंह, भगत, महेंद्र सिंह, कपिल, प्रदीप मान, बाबा बूटा सिंह आदि लोग पिछले तीन दिनों से गंगा के टूटे तटबंध को रोकने में लगे हुए हैं ताकि खादर क्षेत्र को बड़े नुकसान से बचाया जा सके। रोजाना दिन निकलते ही ग्रामीण तटबंध को ठीक कराने में जुटे रहते हैं।
रात में पानी बढ़ने से दिन की मेहनत बेकार चली जाती है।
टूटे तटबंध की मरम्मत करने में जुटे लोग। - फोटो : MAWANA