निगम की लापरवाही. हापुड़ रोड तक आया कूड़ा, लोगों का निकला हुआ दुश्वार
प्लांट पर जगह नहीं मिलने पर सड़क पर शहर का कचरा डाल रहे वाहन
लोहियानगर प्लांट छह माह से बंद होने से बनी समस्या
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कूड़ा निस्तारण प्लांट संचालित करने में फिसड्डी नगर निगम अब हापुड़ रोड पर शहर का कचरा डलवा रहा हैं। कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों को प्लांट पर जगह नहीं मिल रही और वाहन सड़क किनारे कचरा डाल रहे हैं, इस कारण वहां से निकलना लोगों को दुश्वार हो रहा है। लोहियानगर, जाहिदपुर, हाफिजपुर, अलीपुर और घोसीपुर सहित कई गांव इससे परेशान हैं और लोगों में निगम के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है। हड़ताल और आंदोलन की चेतावनी के बावजूद भी निगम की नींद नहीं टूटी। कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद निगम ने लोहियानगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट का टेंडर किया, लेकिन वह भी एक महीने से अधर में अधिकारियों ने लटकाया हुआ हैं।
लोहियानगर में कूड़े के पहाड़ लंबे और ऊंचे हो गए हैं। वहां से मात्र 300 दूर पंडित बख्शीदास इंटर कॉलेज है। प्लांट से उठ रहे कूड़े से विद्यार्थी और शिक्षकों को का दुर्गंध से बुरा हाल रहता है। इस वजह से शिक्षक, छात्र अक्सर बीमार रहते हैं। प्रधानाचार्य की बार-बार शिकायत के बावजूद कूड़ा निस्तारण नहीं हो रहा है। प्लांट के पास आउटर रिंग रोड का एनएचएआई द्वारा इंटरचेंज बनना था। निगम कूड़े का पहाड़ नहीं हटवा सका, इसके चलते एनएचएआई को वहां से इंटरचेंज की जगह ही बदलनी पड़ी। लोहियानगर कूड़ा प्लांट दो मई 2025 से लिखापढ़ी में ही बंद पड़ा हैं। इसको चलाने में निगम पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, स्वास्थ्य विभाग वरिष्ठ प्रभारी अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह सहित निगम के अधिकारियों ने लोहियानगर का कई बार निरीक्षण किया। कूड़ा निस्तारण न होने के चलते अब नगर निगम की गाड़ियों हापुड़ रोड पर कूड़ा डालने लगी हैं। इससे वहां के हालात खराब हो रहे है।
टेंडर में अनियमितता के लगे थे आरोप
लोगों के संक्रमण फैलने की शिकायत पर नगर निगम ने लोहियानगर कूड़ा खत्म करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया की। टेंडर में भी अनियमितता के आरोप लगे थे, इसकी महापौर हरिकांत अहलूवालिया द्वारा जांच कराई गई। आरोप निराधार मिलने पर टेंडर की प्रक्रिया पूरी हुई। एक कंपनी के साथ निगम का अनुबंध हो गया। इस प्रक्रिया को भी एक माह बीत गया, लेकिन कूड़ा प्लांट संचालित करने के लिए कंपनी या निगम की तरफ से कोई कार्य नहीं किया गया। इसको लेकर लोगों में गुस्सा हैं।
पार्षद बोले- शहर में सफाई व्यवस्था चौपट
शहर से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करना, सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण न होने से नगर निगम के प्रति पार्षदों में भी आक्रोश है। पार्षद संजय सैनी ने कहना है कि निगम में भ्रष्टाचार के चलते सफाई व्यवस्था चौपट हो गई हैं। पार्षद पवन चौधरी ने कहा कि लोहियानगर में कूड़ा प्लांट संचालित न होने से आसपास संक्रमण फैलने का खतरा हैं। पार्षद आशीष चौधरी का कहना है कि कूड़ा निस्तारण न होना बड़ी समस्या हैं। संक्रमण फैलने से लोगों की मौत तक हो चुकी हैं।
वर्जन
लोहियानगर में लगे कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए नया टेंडर हो गया हैं। प्रक्रिया में क्यों देरी हो रही है, इसको लेकर निगम अफसरों से जवाब मांगा जाएगा। जल्द ही कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट चालू कराया जाएगा।
हरिकांत अहलूवालिया, महापौर