रिटायर शिक्षक ने जिटौली फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। कंकरखेड़ा और पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शव उठाने के बजाय पुलिस थाना विवाद में उलझी रही। करीब पौने घंटे तक शव के ऊपर से ट्रेन गुजरती रहीं और पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही। पुलिस के इस रवैये पर लोगों ने हंगामा भी किया। पल्लवपुरम थानाक्षेत्र के एकतानगर निवासी मिठ्ठन लाल (73) पुत्र जीत राम सिंह सरकारी स्कूल से रिटायर शिक्षक थे। परिजनों ने बताया कि मिठ्ठन लाल लंबे समय से अस्थमा से पीड़ित थे। सुबह करीब साढे़ ग्यारह बजे वह जिटौली फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिठ्ठन लाल ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। ट्रेन से कटने से उनकी मौके पर मौत हो गई।
पुलिस ने शव उठाने की जहमत नहीं उठाई
शव पर ट्रेन गुजरती रहीं
कंकरखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और मामला पल्लवपुरम थानाक्षेत्र का बताया। इस बीच पुलिस ने शव उठाने की जहमत नहीं उठाई। जिसके चलते शव से दो ट्रेन गुजर गई। पौने घंटे बाद पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मिठ्ठन की जेब से मिले कागजात के आधार पर परिजनों को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने उनकी शिनाख्त की। उधर, एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि कंकरखेड़ा पुलिस पहले पहुंच गई थी तो शव उठाकर पोस्टमार्टम हाउस भेजना चाहिए था। इस मामले की पुलिस गंभीरता से जांच करेगी। टीपीनगर थाना क्षेत्र के नईबस्ती लल्लापुरा निवासी मंगल सिंह बुजुर्ग थे। मंगलवार सुबह वह शिवपुरम के पास रेलवे लाइन के किनारे जा रहे थे। कालका एक्सप्रेस देखकर गैटमेन बालकराम ने शोर मचाया, लेकिन उससे पहले ही ट्रेन की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई।