मेरठ। आरएएफ के ट्रेनिंग कैंप में हुए आंसू गैस के प्रयोग ने पूठा गांव को रुला दिया। वातावरण में गैस घुलने से कई बुजुर्ग ग्रामीण बेहोश हो गए। घंटों अफरातफरी की स्थिति रही। शिकायत मिलने पर अफसरों ने ट्रेनिंग को रुकवाया। गैस का प्रभाव कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
टीपी नगर थाना क्षेत्र के पूठा गांव के बाहरी छोर पर आरएएफ की 108 बटालियन का ट्रेनिंग कैंप है, जिसमेें 194 बटालियन आरएएफ की ट्रेनिंग चल रही है। दोपहर को कैंप में ट्रेनिंग के दौरान आंसू गैस के गोले दागे जा रहे थे। जिनसे निकला धुआं पूरे वातावरण में तेजी से फैल गया। जिससे ग्रामीणों का सांस लेना मुश्किल हो गया। गैस इतनी तेज और खतरनाक थी कि ग्रामीणों की आंखों में जलन होने के साथ आंसू नहीं रुक रहा था। गैस से ग्रामीण धनपाल सिंह, राजपाल सिंह, नेपाल, शरबती सहित कई बुजुर्ग बेहोश हो गए। हर कोई अपनी आंखों व मुंह को कपड़े से ढके हुए था। गैस से राहत न मिलने पर बूढे़-बच्चे महिलाएं सभी अपने घरों में घुस गए। करीब चार घंटे तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पढ़ें : सुहागरात को दुल्हन की पिटाई, 35 लाख का माल समेट दूल्हा फरार
कैंप में आंसू गैस का धुआं
कपड़ा ढककर आंसू गैस से बचने की कोशिश करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
वहीं, ग्रामीण सुभाष सिंह के अनुसार कई दिनों से कैंप में आंसू गैस का धुआं गांव की तरफ आ रहा है। आज इसी कारण गांव के लोगों का बुरा हाल हो गया। जिसके बाद ट्रेनिंग रोकने को कहा गया। ग्रामीण वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग के कारण ग्रामीणों को परेशानी नही होनी चाहिए। आज कई घंटों तक गांव वालों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। मंगत सिंह का कहना था कि आंसू गैस के धुएं से आंखों में तेज जलन होने लगी। सांस लेना मुश्किल हो रहा था। लोगों को घरों में कैद होना पड़ा।
पढ़ें : सीएम योगी के आने से पहले बंद कराईं मीट की दुकानें, देखिए तस्वीरें
शिकायत पर बंद कराई ट्रेनिंग
आरएएफ के कमांडेंट शैलेंद्र कुमार के अनुसार 194 बटालियन की ट्रेनिंग चल रही थी। आंसू गैस के गोलों से निकला धुआं हवा के रुख के कारण गांव की ओर चला गया था। आंसू गैस से ग्रामीणों के परेशान होने की शिकायत आयी थी। जिसके बाद ट्रेनिंग को बंद करा दिया गया। उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/