हस्तिनापुर। क्षेत्र में गंगा किनारे स्थित गांव जलालपुर जोरा में सरकारी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जमीन को चिह्नित किया।
गांव जलालपुर जोरा सहित गंगा किनारे बसे गांवों में गंगा का जलस्तर कम होते ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत तेज हो जाती हैं। कई दिनों से लगातार जलालपुर जोरा निवासी ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर सरकारी जमीन कब्जा मुक्त करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीण नरेंद्र ने बताया कि उनके पास के करीब दो दर्जन किसानों ने सरकारी जमीन और उनकी लगानी जमीनों पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों से भी की थी। बुधवार को यहां राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम पहुंची और सरकारी जमीनों को चिह्नित किया।
ग्रामीणों ने कहा कि भूमाफिया ने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है और वह लगानी भूमि पर भी कब्जा कर रहे हैं। इससे उनके आगे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की। टीम के पहुंचने पर ग्रामीण भी अपने खेतों पर मौजूद रहे। एसडीएम संतोष कुमार का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेजी गई थी। जमीन चिह्नित कर जांच की जा रही है।