एबीआरसी ने उच्चाधिकारियों व कंपनी के मालिक से बात की। कंपनी द्वारा बड़े साइट की जर्सी भेजने की बात कही गई। अधिकारियों से वार्ता के बाद शिक्षकों को मजबूरन जर्सियां ले जानी पड़ीं। एबीएसए लक्ष्मीकांत के मुताबिक बुधवार को करीब 50 प्रतिशत जर्सी का वितरण हो गया।
जर्सी छोटे साइज की हैं, उतनी जर्सी कंपनी के द्वारा उपलब्ध करा देने की बात कही गई है। सरधना ब्लॉक में कुल 9197 जर्सी बच्चों के लिये आई हैं। जिसमें छोटे साइज में 2960, मीडियम साइज में 3046, लार्ज साइज में 1879 व एक्सट्रा लार्ज साइज में 1312 की संख्या हैं।
साइज की दिक्कत
जर्सी का नंबर साइज जो 60 होना चाहिए था वह 58 के साइज में आया है। कुछ बच्चे ऐसे हैं, जिनकी हेल्थ के हिसाब से जर्सी फिट नहीं बैठती, जिसकी शिकायत की गई है - शरद चौहान, एबीआरसी
गुणवत्ता व साइज को लेकर विवाद हुआ
मैं कार्यालय पर पहुंच तो जर्सी की गुणवत्ता व साइज को लेकर कंपनी के कर्मचारी व शिक्षकों के बीच विवाद चल रहा था। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की। कंपनी के ऑर्नर से भी बात की गई। जिसमें कुछ बडे़ साइज की जर्सी उपलब्ध कराने की बात कही है। जिसके बाद करीब 50 प्रतिशत जर्सी का वितरण कर दिया गया है। - लक्ष्मीकांत, एबीएसए सरधना
सरधना बीआरसी कार्यालय पर जर्सी के साइज को लेकर कुछ शिकायत आई है। अब प्रत्येक सेंटर पर तीन सौ बजे साइट की जर्सियां भिजवाई जाएंगी। 14 जनपदों में करीब सवा लाख जर्सी का आर्डर था, कुछ समस्या साइज को लेकर आई है, गुणवत्ता की समस्या सामने नहीं आई है। - दीपक सिन्हा, धर्या एक्टिविस्ट प्राईवेट लिमिटेड