बड़ौत/बिनौली। बरनावा गांव के जंगल में शिकारियों के लगाए खटके में फंसे तेंदुए को पकड़ने के लिए पहुंची वन विभाग व वाइल्ड लाइफ की टीम ने तेंदुए को बेहोश करने के लिए तीन बार निशाना लगाया। मगर हर बार निशाना चूक गया। चौथी बार निशाना लगते ही तेंदुआ गुर्राते हुए भागा तो दहशत में भगदड़ मच गई। पुलिस कर्मियों ने सरकारी जीप में घुसकर जान बचाई।
रविवार की सुबह बरनावा गांव निवासी सतीश, प्रमोद, जगदीश समेत अन्य ग्रामीण खेतों में काम करने के लिए जा रहे थे। जैसे ही वे बरनावा गांव निवासी नरेश के गन्ने के खेत के नजदीक पहुंचे तो उन्हें तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई और वह गांव की ओर दौड़ पड़े। वन विभाग के अधिकारी व कर्मी पहुंचे तो टीम ने तेंदुए को बेहोश करने के लिए निशाना लगाया। मगर निशाना चूक गया और गन की आवाज से तेंदुआ गुर्राने लगा। तीन बार निशाना खाली जाने के बाद टीम ने थोड़ा नजदीक पहुंचकर चौथी बार निशाना लगाया तो तेंदुआ गुर्राते हुए फंदे को लेकर भागने लगा।
इससे दहशत के चलते भगदड़ मच गई। वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने सरकारी जीप में घुसकर जान बचाई। जबकि भीड़ दहशत के चलते चिल्लाते हुए गांव की ओर दौड़ पड़ी, हालांकि तेंदुआ पास में स्थित गन्ने के खेत में घुस गया। इसके बाद ड्रोन कैमरे व कांबिंग की मदद से तेंदुए की तलाश की गई। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुआ पकड़ा गया।
संतनगर नर्सरी पर रखा गया तेंदुआ, खेत मालिक के खिलाफ मुकदमा
वन दरोगा राहुल कुमार नैन ने बताया कि फिलहाल पकड़े गए तेंदुए को संतनगर नर्सरी में रखा गया है। स्वस्थ होने पर शाकुंभरी में स्थित मोहंड रेंज में तेंदुए को छोड़ा जाएगा। इस मामले में खेत मालिक नरेश के खिलाफ बिनौली थाने पर मुकदमा कराया गया है। उसके बयान लिए जाएंगे कि फंदा उसके खेत में शिकारियों ने लगाया था।
70 से अधिक गांवों में तेंदुए की गुर्राहट से दहशत में हैं ग्रामीण
जिले में कृष्णा व हिंडन नदी के किनारे बसे खपराना, शाहपुर बाणगंगा, गल्हैता, बरनावा, रंछाड़ के अलावा निरपुड़ा, दोघट, छपरौली, कोताना, हलालपुर सहित तकरीबन 70 से अधिक गांवों के लोग दहशत में हैं। अलग-अलग जगहों पर तेंदुआ देखे जाने की सूचना वन विभाग को मिल रही है, लेकिन अफसर बिल्ली बताकर हर बार पल्ला झाड़ लेते हैं।
यहां मिले तेंदुए
-15 दिसंबर 2020 को बरनावा वन क्षेत्र के शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में तेंदुए को मौत के घाट उतार दिया गया था।
-9 जनवरी 2021 को बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर रेलवे लाइन पर बावली अंडरपास के पास डेढ़ साल के मादा तेंदुए की मौत हो गई थी।
-13 दिसंबर 2022 को रंछाड़ गांव के जंगल में स्थित कुए में तेंदुआ गिर गया था।
-निरपुड़ा गांव के जंगल में सितंबर 2024 को मादा तेंदुए का शव पड़ा मिला था।
-रमाला में वर्ष 2024 में नेशनल हाईवे पर तेंदुआ घायल अवस्था में पड़ा मिला था।