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कश्मीरी छात्र बोले - डीएम सर, हमारी गाड़ियों पर कश्मीर के नंबर हैं, कोई खतरा तो नहीं

Sat, 22 Apr 2017 02:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

विवादित होर्डिंग लगाने का मामला : कश्मीरी छात्रों से मिलने पहुंचे डीएम-एसएसपी
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डीएम और एसएसपी से बातचीत करते कश्मीरी छात्र
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विस्तार
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मेरठ में एनएच-58 बाईपास पर वेदव्यासपुरी के सामने कश्मीरियों को यूपी छोड़ने की चेतावनी लिखे होर्डिंग लगाए जाने के बाद कश्मीरी छात्र विचलित हैं। इनके दिलों की दहशत निकालने डीएम ओर एसएसपी खुद सुभारती मेडिकल कालेज पहुंचे। यहां पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों से रूबरू हुए । डीएम ने बताया कि कश्मीरियों के बारे में जो होर्डिंग लगाए गए हैं उसी वजह से हम यहां आपके मन की शंका दूर करने आए हैं। 
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इसलिए सुभारती पहुंचे अफसर
जिले में करीब 200 कश्मीरी छात्र जिले के कालेजों में पढ़ते हैं लेकिन इनमें सबसे ज्यादा सुभारती में ही हैं। चार वर्ष पूर्व भी सुभारती में भारत-पकिस्तान के साथ हुए क्रिकेट मैच के दौरान कश्मीरी छात्रों द्वारा हंगामा करने के बाद माहौल गर्मा गया था। जानी थाने में 67 कश्मीरी छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यही वजह थी कि डीएम एसएसपी ने तुरंत सुभारती मेडिकल कालेज पहुंचकर कश्मीरी छात्रों से बात की। छात्र और डीएम के बीच कुछ इस तरह हुआ संवाद। 

 

डीएम और एसएसपी से बातचीत करते छात्र
तीन महीने तक कैसे करें भरोसा
छात्र इमामुल हक ने कहा कि हमने अखबारों में पढ़ा है कि धमकी देने वालों ने यूपी छोड़ने को तीन महीने का वक्त दिया है, लेकिन इसकी क्या गारंटी है कि वे तीन महीने से पहले कुछ नहीं करेंगे।
डीएम : आप बिल्कुल निश्चिंत रहें। मैने धमकी देने वाले के बारे में पता किया तो पता चला कि इस तरह से माहौल खराब करना इस व्यक्ति की पुरानी आदत है। पुलिस उसे जल्द पकड़ लेगी।

ऐसे लोगों को सख्त सजा हो 
सवाल : डॉक्टर उमर फारूख ने कहा उसे प्रशासन पर भरोसा है , लेकिन इस तरह माहौल खराब करने का अधिकार किसी को नहीं चाहे वह कोई भी हो।
डीएम : बिल्कुल सही। ऐसा करने वालों को पुलिस प्रशासन सख्त सजा दिलाएगा। संगीन धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द उसकी गिरफ्तारी भी होगी। आप टेंशन मत लो बस मन लगाकर पढ़ों और आगे बढ़ो।

जम्मू कश्मीर के नंबर वाली गाड़ियां हैं 
सवाल :डॉक्टर उस्मान ने सवाल उठाया कि मेरी और कई अन्य छात्रों की गाड़ियों के नंबर जम्मू कश्मीर के हैं। इससे कोई दिक्कत तो नहीं होगी। 
डीएम :नहीं आपको डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं। आप अपने वाहन कहीं भी लेकर जाएं, कोई कुछ नहीं कहेगा। अपने मन से ये सब बातें निकाल दें। 

हमारे मोबाइल पर करें कॉल :डीएम 
डीएम ने छात्रों से कहा कि वह खुद को असुरक्षित महसूस ना करें। यदि कोई दिक्कत है तो अपने एचओडी या कालेज प्रबंधन को बताएं ।  कालेज प्रबंधन तुरंत उन्हें सूचित करें। यूपी 100 पर कॉल करें। हमारे सीयूजी नंबर पर सीधे फोन या व्हाट्स एप करें। तुुरंत कार्रवाई होगी। डीएम ने अपना और एसएसपी दोनों के मोबाइल नंबर छात्रों को नोट कराए।

चार टीमें धरपकड़ में जुटी हैं :एसएसपी
एसएसपी जे रविंद्र गौड़ ने छात्रों को बताया कि होर्डिंग लगाने के मामले में अमित जानी के खिलाफ रिपोर्ट संगीन धाराओं में दर्ज की गई है। तीन पुलिस टीमों के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगाया गया है। जल्द उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। आप बिल्कुल निश्चिंत होकर रहें। पुलिस उनके साथ है। 
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विवादित होर्डिंग सीज किए, अमित जानी की तलाश में दबिश

कश्मीरी छात्रों से मिलने पहुंचे डीएम और एसएसपी
कश्मीरियों के बारे में चेतावनी लिखा होर्डिंग लगाने के बाद पुलिस ने कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर अमित जानी की धरपकड़ को तीन टीमें लगा दी। इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा के अनुसार अमित जानी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने ,आपसी वैमनस्य फैलाने की कोशिश आदि आरोप में आपसी मै153 (क) और (ख) में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उसके द्वारा लगवाए गए होर्डिंग उतरवाकर सील करा दिए गए हैं। इंस्पेक्टर के अनुसार अमित जानी की धरपकड़ को दबिशें दी गई हैं। एसएसपी जे रविंद्र गौड़ ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम को भी इसमें लगाया गया है। अमित जानी अधिकतर हरियाणा, दिल्ली आदि जगहों पर रहता है। सर्विलांस की मदद से भी पुलिस उसकी धरपकड़ में जुटी है।

लखनऊ में अमित को पकड़ने वाले दो इंस्पेक्टर जिले में
मेरठ। लखनऊ में 2012 में पूर्व सीएम मायावती की प्रतिमा तोड़ने के मामले में अमित जानी के खिलाफ कार्रवाई करने वाले दो पुलिस अफसर वर्तमान में भी जिले में हैं। सरधना इंस्पेक्टर मनोज मिश्र और ब्रह्मपुरी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह उस वक्त लखनऊ में ही तैनात थे। इन दोनों ने ही अमित को वहां पकड़ा था।
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