मेरठ। बदलते मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। डेंगू, चिकनगुनिया, लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टायफस के मरीज मिल रहे हैं। इनसे सावधान रहने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में इस साल जनवरी से अब तक डेंगू के 77, लेप्टोस्पायरोसिस के 103, स्क्रब टाइफस के 19, मलेरिया के 21, चिकनगुनिया के 15, कोविड के 24 मरीज मिले। कोविड के अलावा बाकी बीमारियों के मरीज लगातार मिल रहे हैं।
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डेंगू व चिकनगुनिया
डेंगू व चिकनगुनिया एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ पानी में पनपता है। डेंगू के रोगी को तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द और प्लेटलेट्स की कमी महसूस होती है। बचाव के लिए लोग घरों में और आसपास पानी ना जमने दें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
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लेप्टोस्पायरोसिस
यह बीमारी लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया से होती है जो आमतौर पर संक्रमित जानवरों (खासकर चूहों) के मूत्र के संपर्क में आने और गंदे पानी से फैलती है। अधिकतर बारिश या बाढ़ के दौरान लोग प्रभावित होते हैं। लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, थकान और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं।
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स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस संक्रमित घुन के काटने से फैलता है जो झाड़ियों और घास में ज्यादा पनपता है। लक्षणों में तेज बुखार, त्वचा पर चकत्ते, लिम्फ नोड्स की सूजन और कमजोरी शामिल है।
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सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया का कहना है कि रोगों से बचाव के लिए साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने देने, मच्छरों से सुरक्षा के उपाय अपनाएं और संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सतर्कता और जन जागरूकता से इन बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है।