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Meerut News: नवीनतम तकनीक से खेती में बढ़ रही लागत में लाई जा सकती है कमी

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दौराला - मीठेपुर गांव में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों को जानकारी देते वैज्ञानिक। स्रोत : सं
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लावड़। खेती में लगातार बढ़ती उत्पादन लागत और उपज में अस्थिरता की चुनौतियों से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को मीठेपुर गांव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।
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चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड के तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी में में लगभग 300 प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग किया। जनरल मैनेजर मार्केटिंग प्रकाश शर्मा, कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगमोहन सैनी ने किसानों को अभियान के महत्व से अवगत कराया। बताया कि मृदा स्वास्थ्य और पौध सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। वैज्ञानिक और नवीन तकनीकों जैसे सटीक उर्वरक प्रबंधन, जल प्रबंधन, समन्वित कीट-प्रबंधन को अपनाकर किसान अनावश्यक खर्चों में कटौती कर सकते हैं। बीज उपचार, संतुलित पोषण, सही कीट-रोग नियंत्रण के प्रयोग से फसल की गुणवत्ता और मात्रा में वृद्धि होती है। बताया कि जैविक खादों और सही उर्वरक प्रबंधन से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, जिससे खेती की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होती है।
जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सिंह, कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह ने किसानों को क्षेत्र की प्रमुख फसलों गन्ना, धान और गेंहू के लिए उन्नत उत्पादन तकनीकों जैसे बीज उपचार, जैविक खादों के उपयोग, समन्वित कीट-रोग नियंत्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सैनी ने किसानों को बताया कि अभियान में बीज उपचार, उर्वरक प्रबंधन, जल प्रबंधन, खरपतवार प्रबंधन, समन्वित कीट-प्रबंधन जैसी नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। इन्हें अपनाकर किसान फसल की लागत में कमी लाकर उपज में सुधार कर सकते हैं।
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इस मौके पर संजय कुमार सिंह और जिला प्रभारी डॉ. अभिषेक यादव, अरुण गुप्ता, मदनपाल सिंह, मकसूद अहमद आदि मौजूद रहे।
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