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आधा घंटे की बारिश में डूब गया पूरा शहर

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मेरठ। नगर निगम के 30 दिनों में नालों की सफाई के तमाम दावे आधा घंटे की बारिश ने धो दिए। नालों का गंदा पानी घरों में जा घुसा और जनता कैद होने के लिए मजबूर हो गई। शहर के कई निचले इलाकों में लोग पंपिंग सेट से निकासी की गुहार लगाते रहे परंतु निगम के किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी ने सुनवाई नहीं की।
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रविवार पूर्वाह्न तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। आधा घंटे तक बादल झमाझम बरसे। जिससे हुए जलभराव से लोगों के सामने आफत खड़ी हो गई। शहर के सभी छोटे-बड़े नाले उफनकर सड़कों पर बहने लगे और गंदा पानी घरों में घुस गया। शहर के निचले इलाके मुल्तान नगर, ब्रह्मपुरी, माधवपुरम, खत्ता रोड, सद्दीक नगर, श्याम नगर, तारापुरी आदि में भारी जलभराव हो गया। भूमिया पुल क्षेत्र के पूर्व पार्षद प्रेमचंद सैनी, हाजी शाहिद अब्बासी एवं सलीम अहमद सिद्दीकी आदि का कहना है कि नगर निगम ने छोटे नाले साफ किए परंतु इन सभी का पानी ओडियन नाले में पहुंचता है। इससे गंदगी से अटा ओडियन नाला ओवरफ्लो हो गया।
नाले नहीं खजाना हुआ साफ
नाला सफाई को लेकर नगर निगम भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहा हो परंतु सच्चाई इतर है। लोगों का मानना है कि नालों की सफाई तो नहीं हुई, लेकिन नगर निगम का खजाना जरूर साफ हो गया। नगर निगम के एक करोड़ से अधिक रुपये का डीजल नालों की सफाई पर फूंका जा चुका है।
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नाला बन जाता तो नहीं डूबते मलियाना और मुल्तान नगर
बारिश से जलभराव के चलते मुल्तान नगर, मलियाना एवं शेखपुरा समेत कई इलाकों में आफत आ गई। मुख्य बाजार पानी से लबालब हो गए। बारिश का गंदा पानी दुकानों और मकानों में भर गया। पूर्व पार्षद विनोद उपाध्याय का कहना है कि यदि नगर निगम समय रहते मलियाना फाटक से दिल्ली रोड तक नाला बना देता तो यह दुर्गति न होती। बागपत रोड की लगभग एक दर्जन कॉलोनियों का गंदा पानी इसी नाले से दिल्ली रोड स्थित नाले में पहुंच सकता है। पार्षद पति अमित मूर्ति का कहना है कि बागपत रोड के नाले तो साफ किए गए हैं परंतु आसपास के नालों की सफाई नहीं होने से बागपत रोड हल्की बारिश में ही तालाब बन गया। नगर निगम अधिकारी जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं।
इन इलाकों में सबसे अधिक जलभराव
ब्रह्मपुरी, भगवतपुरा, हरिनगर, ईश्वरपुरी, भूमिया का पुल, प्रह्लाद नगर, माधवपुरम, शिवपुरम, मलियाना, गढ़ रोड स्थित कैलाशपुरी, सूरजकुंड, पुरानी मोहनपुरी, बुढ़ाना गेट, खैरनगर, बच्चा पार्क, अहमदनगर, कंकरखेड़ा बड़ा बाजार, श्रद्धापुरी, रुड़की रोड पल्लवपुरम, गंगानगर, कसेरूखेड़ा, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, जाकिर कॉलोनी।
गांधी आश्रम नाला उफना
आश्रम का नाला उफन जाने से सूरजकुंड, पुरानी मोहनपुरी, कैलाशपुरी, गांधी आश्रम, नेहरू नगर में स्थिति बदतर हो गई। ऐसा नाले की पर्याप्त सफाई नहीं हो पाने की वजह से हुआ।
गगन एन्क्लेव में जलभराव
रोहटा रोड का मुख्य नाला ही नहीं गोलाबढ़, सरस्वती विहार और आसपास की कॉलोनियों से निकलने वाले छोटे नालों की भी सफाई नहीं हुई। जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ा है। गगन एन्क्लेव निवासी शिल्पा पांडे का कहना है कि यहां नाले तो दूर नाली तक साफ नहीं की जाती हैं। जिससे बारिश का पानी घरों में घुस गया।
नाला साफ हो जाता तो नहीं होता जलभराव
पुरानी मोहनपुरी के बीच से गुजर रहे नाले की सफाई के लिए दो साल से निगम अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई। जिसके परिणामस्वरूप घरों में पानी भर गया। पार्षद अंशुल गुप्ता का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कई वाहन हो गए बंद
जलभराव के बीच से गुजरने वाले दोपहिया एवं चार पहिया वाहन बंद हो गए। कई स्थानों पर लोग दोपहिया वाहनों को खींचते मिले। मैकेनिक नहीं मिलने से समस्या और अधिक हो गई।
वर्जन
बारिश बंद होने के कुछ समय बाद जलभराव खत्म हो गया। इसका कारण यह है कि नगर निगम ने 70 फीसदी नाले साफ करा दिए हैं। बाकी बचे हुए भी जल्द साफ करा दिए जाएंगे। जिससे महानगर में जलभराव की समस्या नहीं होगी।-डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया नगर आयुक्त
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