देवबंद में धार्मिक स्थलों को खोले जाने को लेकर रविवार की देर ऱात्रि मस्जिदों के प्रबंधकों ने शपथ पत्र लेकर पहुंचे पुलिसकर्मियों को उस समय बैरंग लौटा दिया जब उन्हें पता चला कि पांच लोगों से अधिक लोग मसजिद में नमाज अदा नहीं करेंगे।
रविवार की देर रात पुलिसकर्मी प्रशासन द्वारा मस्जिदों को खोले जाने से संबंधित शपथ पत्र लेकर मसजिदों के प्रबंधकों के पास पहुंचे थे। शपथ पत्र पढ़ने के बाद प्रबंधकों ने उन पर हस्ताक्षर करने से साफ इंकार कर दिया।
उनका तर्क था कि शासन ने पहले से ही मस्जिदों में इमाम और मौअज्जन सहित पांच लोगों को नमाज अदा करने की इजाजत दी हुई थी। जबकि सोमवार को धार्मिक स्थल खोले जाने के लिए प्रशासन जिन शपथ पत्रों पर प्रबंधकों के हस्ताक्षर करा रहा है उसमें भी पांच लोगों के नमाज अदा करने की शर्त शामिल है। अधिक लोग होने पर प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही गई है।
मोहल्ला अबुल बरकात स्थित सफेद मस्जिद के प्रबंधक आमिर उस्मानी का कहना है कि जब मसजिद खुल जाएगी तो इसमें आने वाले लोगों को कैसे रोका जाएगा। पहले ही पांच लोग नमाज अदा कर रहे हैं फिर मस्जिद को खोलने से क्या फायदा।
इससे बेहतर है कि वे मस्जिद को खोले ही नहीं। बताया कि उन्होंने शपथ पत्र लेकर पहुंचे पुलिसकर्मियों से साफ कहा कि वे मसजिद नहीं खोलेंगे। इनके अलावा कई ओर मस्जिदों के प्रबंधकों ने भी शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना करते हुए सोमवार को मस्जिदों के ताले खोलने से इंकार कर दिया।