डॉ. तनुराज सिरोही, वरिष्ठ फिजिशियन
- फोटो : अमर उजाला
शहर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर बायोमेट्रिक मशीनों के टावर में दिक्कत से जनता परेशान है। सरकारी नमक से क्या दिक्कतें आ रही हैं। राशन विक्रता जनता को कितना परेशान कर रहे हैं। इन सभी शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं है। क्योंकि जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम न तो अपने कार्यालय में मिलते हैं और न ही उनसे फोन पर बात हो पाती है। शनिवार को भी डीएसओ कवरेज एरिया से बाहर ही रहे।
कार्ड धारक नमक लेने को तैयार नहीं है। इसकी सूचना हमने विभाग के अधिकारियों को दी है। मजबूरी में सभी राशन डीलर बेच रहे हैं। क्योंकि सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुने शहरों में मेरठ का नाम भी शामिल है। कार्ड धारक बताते हैं कि इस नमक से सब्जी काली पड़ जाती है। -संतोष शर्मा, राशन डीलर
नमक की अधिकता रक्तचाप बढ़ाती है। वहीं अगर नमक में किसी प्रकार की मिलावट है तो वह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आयोडीन की अधिकता भी शरीर के लिए घातक है। इस नमक में आयरन के साथ आयोडीन भी है। इसलिए सब्जी का रंग काला हो रहा है। हालांकि इससे नुकसान नहीं है। कई देशों में यह पॉलिसी है कि नमक में आयोडीन व आयरन दोनों मिलाया जाता है। ताकि शरीर को आयरन मिले।
-डॉ. तनुराज सिरोही, वरिष्ठ फिजिशियन
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