अछरौंडा में टूटी सड़कें, जलभराव समेत कई समस्याओं को लेकर रविवार से धरने पर बैठे थे लोग
-15 दिन में समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। परतापुर क्षेत्र के वार्ड-10 में समस्याओं के विरोध में नगर निगम के खिलाफ चल रहा धरना सोमवार को महापौर हरिकांत अहलूवालिया के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। महापौर ने क्षेत्र की सभी समस्याओं का 15 दिनों में निस्तारण कराने का भरोसा दिया।
काशी-अछरोंडा मार्ग और आसपास की कॉलोनियों में लंबे समय से टूटी सड़कों, जलभराव, कूड़ा डंपिंग और अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। समाधान न होने से नाराज करीब 250 लोग रविवार को अछरोंडा मार्ग पर धरने पर बैठ गए थे। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। जनप्रतिनिधियों के नाम लिखकर जूतों की माला पहनाकर विरोध जताया था। विधानसभा चुनाव के बहिष्कार तक की चेतावनी दे दी गई।
धरने की सूचना पर रविवार को अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी मौके पर पहुंचीं, लेकिन वार्ता सफल नहीं हो सकी। रात भर ग्रामीण धरने पर बैठे रहे। सोमवार को महापौर हरिकांत अहलूवालिया नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ धरना स्थल पहुंचे और लोगों से बातचीत की।
लोगों द्वारा महापौर को बताया है कि काशी-अछरोंडा मार्ग पर जलभराव और गंदगी की समस्या बताई। बताया कि कूड़ा डंपिंग यार्ड से बदबू और बीमारी का खतरा बना हुआ है। अछरोंडा, काशी और सोलाना समेत कई कॉलोनियों के छात्र कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि महीनों से शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही और क्षेत्रीय पार्षद व अधिकारी फोन तक नहीं उठाते।
महापौर ने समस्याओं का 15 दिन के भीतर समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। इसके बद धरना समाप्त करने की घोषणा की गई। इस दौरान रिठानी मंडल अध्यक्ष आदित्य शर्मा, आकाश शर्मा, अशोक राणा, प्रवीण राणा, कुलभूषण राणा, रोहित राणा, मुकुल शर्मा, कार्तिक शर्मा, मछिंद्र चौधरी, बृज वीर चौधरी, पूर्व पार्षद सुरेंद्र चौधरी, बादल राणा, विजय चौधरी सहित दर्जनों स्थानीय लोग मौजूद रहे।