मेरठ। नौचंदी मैदान संकरा होता जा रहा है। जमीनों पर कब्जे किए जा रहे हैं। इसके बावजूद सरकारी मशीनरी सोई हुई है। जमीन और अन्य संपत्ति की सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। तत्कालीन कमिश्नर की योजना पर भी सरकारी मशीनरी ने पानी फेर दिया है। उन्होंने मेले की चारदीवारी और चौकीदारी की योजना बनाई थी। जब तक डॉ. प्रभात कुमार मेरठ में कमिश्नर रहे तब तक मेला परिसर की चारदीवारी का निर्माण हुआ। इसके बाद योजना कुछ सत्तारूढ़ नेताओं के दबाव तथा कुछ अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई।
चारदीवारी में हो मेला परिसर कैद, लगाए जाएं गेट
ऐतिहासिक धरोहर नौचंदी मेले को बचाना है तो पहले भूमि को बचाना होगा। क्योंकि मेले की भूमि पर भूमाफिया की नजर है। भूमि को गंदगी और भूमाफिया से बचाने के लिए नौचंदी मैदान की चारदीवारी करानी होगी। साथ ही गेट लगाने होंगे। इतना ही नहीं सुरक्षा की दृष्टि से चौकीदारों की भी तैनाती करनी होगी। तत्कालीन कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने अवस्थापना निधि से नौचंदी मैदान की चारदीवारी कराने का निर्णय किया था। शंभूदास गेट और तिरंगा गेट से पटेल मंडप के पीछे आदि स्थानों पर चारदीवारी की गई। राजेंद्र नगर की बगल में कुछ फैक्टरी मालिकों ने अपने फायदे के लिए जगह-जगह चारदीवारी निर्माण रुकवा दिया।
मौत का कुआं और सर्कस वाली भूमि है विवादित
नौचंदी मैदान में जिस स्थान पर सर्कस और मौत का कुआं लगता है। यह भूमि विवादित है। कुछ लोगों ने जमीन पर स्वामित्व जताया हुआ है। इसको लेकर न तो नगर निगम और न ही जिला पंचायत ने कोई कदम उठाया है। जिस कारण दीवार निर्माण का काम पूरा नहीं हो पाया है। यदि नगर निगम और जिला पंचायत प्रशासन कोई ठोस कदम उठाए तो ऐतिहासिक मेले की संपत्ति बच जाएगी।
मेले पर निगम खर्च करता है दो करोड़
नौचंदी मेले की तैयारियों पर अकेला नगर निगम दो करोड़ रुपये खर्च करता है। जिसमें पटेल मंडप, दुकान, सड़क आदि का रखरखाव शामिल है। मेला खत्म होने के बाद विभागीय अधिकारी सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करना भूल जाते हैं। लाखों रुपये की संपत्ति चोरी कर ली जा रही है। यदि चारदीवारी करके गेट लगा दिए जाएं तो नुकसान नहीं होगा।
वर्जन
नौचंदी मेले की संपत्ति के रखरखाव का निगम ध्यान रखता है। जिस साल जिला पंचायत नौचंदी मेले का आयोजन करता है। वह संपत्ति का रखरखाव नहीं करते हैं। मेले की भूमि की चारदीवारी के लिए पहले भी प्रस्ताव बने हैं। फिर से इस प्रस्ताव पर कमिश्नर से बात करेंगे।-सुनीता वर्मा, महापौर