मेरठ। उत्तर प्रदेश में अपराधियों की जेल से कचहरी में पेशी कराने में सरकार का करोड़ों रुपये खर्च होता है। मेरठ रेंज के 20 शातिर अपराधियों की पेशी पर प्रतिमाह करीब 40 लाख रुपये खर्च होता है। आईजी ने रेंज के सभी जिलों से अपराधियों की पेशी पर होने वाले खर्च का ब्यौरा मांगकर शासन को भेजा है। दूरदराज से अपराधियों को पेशी पर लाते समय पुलिसकर्मियों के साथ होने वाली वारदातों का हवाला भी दिया है।
अपराधियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराने की पुलिस व जेल प्रशासन पूरी तैयारी कर चुका है। आईजी ने रेंज के 20 कुख्यात अपराधियों के नाम शासन को भेजे हैं। खूनखराबे का अंदेशा जताकर वीडियो कांफ्रेंसिंग पेशी की की तैयारी की जा रही है। शासन व न्यायालय की अनुमति के बाद यह प्रक्रिया रेंज के जिलों में शुरू होगी। आईजी रेंज प्रवीण कुमार ने बताया कि 20 अपराधियों के नाम शासन को भेजे गए है, उसकी जेल से कचहरी में लाकर पेशी कराने के लिये प्रतिमाह करीब 40 लाख रुपया खर्च होता है। इसकी लिस्ट भी भेजी गई है।
मेरठ से कुख्यात बदन सिंह बद्दो और मुजफ्फरनगर से रोहित उर्फ सांडू़ समेत कई अपराधियों के नाम शासन को भेजे हैं। जिनकी फरारी के दौरान पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचा है। रोहित सांडू की फरारी के दौरान अपराधियों ने एक दरोगा की हत्या कर दी थी। जेल में बंद अपराधी वेस्ट यूपी में गैंगवार करा सकते हैं। इसके इनपुट को देखते पुलिस सतर्क हो गई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग प्रक्रिया होने तक पुलिस अपराधियों की निगरानी कर रही है।
यह बदमाश आते दूरदराज जेलों से
पुलिस के मुताबिक सुशील मूंछ कानपुर नगर जेल, भूपेंद्र बाफर, ऊधम सिंह आजमगढ़, मुकीम काला हरियाणा, योगेश भदौड़ा सिद्धार्थनगर जेल में बंद है। इसके अलावा भी मेरठ रेंज में कई बदमाश दूरदराज की जेलों से पेशी पर आते हैं। इन बदमाशों की पेशी पर पांच से सात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगती है। दो से तीन पुलिसकर्मी अपराधियों के साथ पेशी कराने के लिये आते है। इसको देखते वीडियो कांफ्रेंसिंग की प्रक्रिया की मांग की है।