उनकी संस्था के 150 से ज्यादा स्वयंसेवक आसपास के 14 जनपदों में संस्कृत भाषा लिखने, पढ़ने और बोलने के शिविर आयोजित कर रहे हैं। इसके तहत 20 घंटे के भीतर संस्कृत में पारंगत किया जाता है। इन्हें लेकर समाचार पत्रों और टीवी चैनल आदि पर कई बार खबरें चल चुकी हैं।
इन्हीं को संज्ञान में लेते हुए रविवार को संस्कृत दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात जब शुरू की तो उन्होंने संस्कृत भारती मेरठ के प्रयासों की जमकर सराहना की। डॉ. नरेंद्र पांडे ने कहा कि यह उनकी संस्था की लिए गौरव की बात है। इससे हमारा उत्साह बढ़ा है और सभी स्वयंसेवक अब दोगुने जोश के साथ देवभाषा संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे।
संस्कृत भारती एक सांस्कृतिक संस्था है जो संस्कृत को फिर से बोलचाल की भाषा बनाने के लिए प्रयासरत है। चमु कृष्ण शास्त्री ने समस्त विश्व में संस्कृतभाषा को पुनर्जीवित करने के लिये इस संस्था स्थापना की। इस कार्यक्रम में मेरठ के डा नरेंद्र पांडेय को संस्कृत सिखाते हुए दिखाया गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा वह उन सभी लोगों का अभिनंदन करते हैं जो संस्कृत भाषा को आम जन तक पहुंचाने में लगे हुए हैं।